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हाथों में तिरंगा जुबां पर भाईचारा: पूरब से पश्चिम पैदल घूमने निकले दो दोस्त, 22 सौ किमी कर चुके यात्रा, इतनी दूरी और करेंगे तय

Sun, 10 Jul 2022 07:58 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, निघासन (लखीमपुर खीरी)

सार

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के 27 साल के विश्वजीत और महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के 26 वर्षीय सत्यजीत पंवार  3700 किमी. की पैदल यात्रा पर निकले हैं। यात्रा करते हुए निघासन पहुंचने पर लोगों ने दोनों का जोरदार स्वागत किया। दोनों युवकों ने पूरब से पश्चिम तक पैदल सफर करने का फैसला किया है।
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भ्रमण पर निकले दोनों दोस्तों का हुआ स्वागत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूरब से लेकर पश्चिम तक पैदल भारत घूमने निकले पश्चिम बंगाल व महाराष्ट्र निवासी दो दोस्त रविवार को 2200 किलोमीटर की यात्रा कर लखीमपुर के निघासन पहुंचे, जहां लोगों ने उनका स्वागत किया। दोनों ने बताया कि उनका 3700 किलोमीटर तक पैदल यात्रा करने का लक्ष्य है। 

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पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के 27 साल के विश्वजीत और महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के 26 वर्षीय सत्यजीत पंवार  3700 किमी. की पैदल यात्रा पर निकले हैं। उन्होंने पूरब से पश्चिम तक पैदल सफर करने का फैसला किया है। बताया कि वह अरुणाचल प्रदेश से लेह-लद्दाख तक जाएंगे। अब तक 90 दिनों में वह 2200 किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं। शनिवार की देर शाम निघासन पहुंचने पर कस्बावासियों ने उनका स्वागत किया और हौसलाअफजाई की। रात्रि विश्राम के लिए अपने घर मे ही आतिथ्य दिया।

पश्चिम बंगाल के विश्वजीत जहां एक डायमंड कंपनी में नौकरी करते थे तो वहीं महाराष्ट्र के सत्यजीत कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते थे। बताया कि दोनों की मुलाकात हुई तो दोस्त बन गए। दोनों ही देश के लिए कुछ करना चाहते थे। ऐसे में उन्होंने देश के एक छोर से दूसरे छोर तक पैदल यात्रा करके लोगों को भाईचारे का संदेश देने का फैसला किया। साथ ही अलग-अलग जगहों के लोगों के बारे में अध्ययन करके एक किताब लिखने की भी सोची।
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हाथों में तिरंगा और जुबां पर भाईचारे की बात
अपनी टी-शर्ट पर अरुणाचल से लेह-लद्दाख छपवाए, पीठ पर बैग, हाथ में तिरंगा और कुछ जरूरत का सामान थामे सड़क पर चल रहे विज्ञान स्नातक सत्यजीत बताते हैं कि दस अप्रैल 2022 को दिबांग से असम, पश्चिम बंगाल, बिहार और फिर यूपी में बहराइच होकर खीरी पहुंचे हैं। इन लोगों का तकरीबन हर जगह लोगों ने स्वागत किया। उनको अपने और अपनी संस्कृति के बारे में जानकारी दी। विश्वजीत कहते हैं कि अभी तक उनको हर जगह मिले सभी लोग अच्छे थे। दोनों नोटबुक में जानकारियां इकट्ठा करने के साथ ही फोटो और वीडियो भी बनाते हैं। इनका उपयोग वे अपने अनुभवों पर किताब लिखने में करेंगे।
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