तिकुनिया (खीरी)। मानवता, सद्भाव और वैश्विक शांति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय मानव मिलन संस्था के संस्थापक नेपाल केसरी राष्ट्रसंत डॉ. मणिभद्र मुनिजी महाराज सहित छह गुरुदेवों की सर्वोदय शांति पदयात्रा छह फरवरी को भारत पहुंची। यहां पदयात्रा का जगह-जगह जोरदार स्वागत किया गया।
सर्वोदय शांति पदयात्रा का शुभारंभ सात जनवरी को नेपाल के पोखरा से हुआ था। भारत में यह पदयात्रा गोरखपुर, वाराणसी समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों से गुजरते हुए छत्तीसगढ़ के दुर्ग में संपन्न होगी।
राष्ट्रसंत डॉ. मणिभद्र मुनिजी महाराज अब तक 90 हजार किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा कर चुके हैं। उन्होंने भारत और नेपाल के साथ-साथ भूटान में भी पदयात्रा कर शांति, करुणा और भाईचारे का संदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा केवल दो देशों को जोड़ने का माध्यम नहीं है, बल्कि मैत्री, करुणा और सर्वोदय के सिद्धांतों को और अधिक सशक्त करेगी।
इस पदयात्रा में नेपाल से कई संस्थाओं के संत-महात्मा शामिल हुए, जिनमें बुद्ध परंपरा के संत भंते सुमंगल और नाथ संप्रदाय के डॉ. चूड़ामणि प्रमुख हैं। तिकुनिया से भी जैन समाज के लोगों ने पदयात्रा में सहभागिता की।
इस अवसर पर नेपाल के पूर्व मेयर लुंबिनी मनमोहन चौधरी, पूर्व मंत्री भरत कुमार शाह, पूर्व मंत्री ओमप्रकाश यादव, आसामी बाबा, शीतल प्रसाद जैन, मुकेश कुमार जैन, दिनेश कुमार जैन, सिद्धम जैन, धनंजय जैन, विनोद जैन और जितेंद्र जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।