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सोमवार रात बारिश और ओले गिरने से फसलों को नुकसान

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लखीमपुर खीरी। सोमवार रात फिर अचानक मौसम बदला, तेज हवा चलने के साथ ही आसमान में काले बादल छा गए, जिसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक झमाझम बारिश हुई। वहीं जिले में कई स्थानों पर ओले भी गिरे। इससे फसलों को खासकर सरसों, मसूर को 10 से 15 फीसदी तक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। ओलों की मार से पलिया, निघासन और गोला तहसील क्षेत्र के किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर जलभराव से लोगों को दिक्कत हुई। मंगलवार को दिन भर बादलों की आवाजाही लगी रही, लेकिन बारिश नहीं हुई। हालांकि हवाएं ठंडी चलने से लोगों को एक बार फिर से फुल गर्म कपड़े पहनने पड़ गए।
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मौमस विभाग ने इस बारिश के लेकर अलर्ट जारी किया था। सोमवार की शाम को पहले गोला, मोहम्मदी क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश हुई और फिर ओले भी गिरे। इसके बाद लखीमपुर में रात करीब 9:45 बजे से शुरू हुई बारिश सुबह करीब चार बजे तक रुक-रुक कर होती रही। इससे शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया। इसके अलावा निघासन, सिंगाही क्षेत्र में भी बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से सरसों, मसूर सहित अन्य फसलों को नुकसान हुआ। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक पलिया, निघासन और गोला क्षेत्र में ओले गिरने से सरसों, मसूर के अलावा गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। अनुमान है कि 10 से 15 प्रतिशत तक फसलों को नुकसान हो सकती है।
गेहूं के लिए बारिश मुफीद
बारिश और ओलावृष्टि से दलहनी और तिलहनी फसलों को नुकसान हुआ है, तो वहीं गेहूं की फसल के लिए अच्छा माना जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों की सलाह है कि बारिश का पानी खेत में बिल्कुल भरने न दें। पानी को तुरंत खेत से निकाल दें।
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बारिश से दलहन और तिलहन की फसलों को नुकसान हुआ है। जहां ओले गिरे हैं, वहां करीब 10 से 15 फीसदी नुकसान होने का अनुमान है। वहीं गेहूं की सिंचाई होने से किसानों को फायदा हुआ है, क्योंकि गेहूं में पानी लगाने की जरूरत थी।
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-सत्येंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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