तापमान में अचानक आई
गिरावट से तराई में ठिठुरन
बढ़ गई है। मंगलवार की शाम से
घना कोहरा पड़ना शुरू हुआ तो
वह बुधवार की सुबह 10
बजे तक
जारी रहा। सुबह इतना घना कोहरा
था कि लोगों को वाहन चलाने के
लिए हेडलाइट जलानी पड़ी। बसों
की रफ्तार थम सी गई। अधिकांश
ट्रेनें भी आज देरी से चलीं। दिसंबर
शुरू होते ही मौसम ने रंग दिखाना
शुरू कर दिया है। एक और दो
दिसंबर को केवल सुबह शाम ठंड
रही। दिन में मौसम सामान्य
रहा लेकिन तीन दिसंबर को अचानक
ठंड बढ़ गई। मंगलवार की देर
शाम से कोहरा पड़ना शुरू हो
गया। रात भर कोहरे की बारिश
के बाद सुबह करीब दस बजे तक
पूरा जिला सुरमई कोहरे की चादर
से ढका रहा। सुबह जब लोग नींद
से जागे तो अंधेरा सा छाया
दिखा। ठंडी हवाएं चलने से लोग
ठिठुर गए। बच्चों को गरम कपडे़
पहनकर स्कूल-कॉलेज
जाना पड़ा। विद्यार्थियों
को साइकिल चलाने में दिक्कतें
हुईं। कोहरा इतना घना था कि
दस मीटर दूर की चीज भी नहीं
दिखाई दे रही थी।
पलियाकलां में कोहरे
ने थामी ट्रेनों की रफ्तार,
यात्री
परेशान
दो दिन से अचानक बढ़े कोहरे
ने ट्रेनाें की रफ्तार थाम
दी है। मंगलवार की रात से बुधवार
की सुबह तक कई ट्रेनें घंटाें
लेट हुईं जिसका सर्दी के मौसम
में खामियाजा यात्रियों को
भुगतना पड़ा। मंगलवार
की रात करीब 1.45
बजे
पलिया आने वाली गोंडा बरेली
ट्रेन संख्या 52255
करीब
ढाई घंटे लेट पहुंची तो वहीं
बुधवार को 52258
मैलानी
गाेंडा ट्रेन जो सुबह करीब
सात बजे यहां आती है वह करीब
एक घंटा 20
मिनट
लेट होकर सुबह करीब 8.20
बजे
यहां पहुंची। गोंडा मैलानी
52253 का
भी यही हाल रहा और वह सुबह 9.48
बजे से
करीब 5.30
घंटे
लेट हो गई। इससे अपने-अपने
गंतव्यों को आने और जाने वाले
यात्रियों को सर्दी के इस मौसम
में घंटों इंतजार करना पड़ा।
बच्चों को खासी दिक्कतें पेश
आईं। बता दें कि लगातार दो
दिनों से सरेशाम ही कोहरे की
चादर इलाके को अपने में लपेट
लेती है। घने कोहरे के कारण
ट्रेनों का लेट होना तो शुरू
हो गया है साथ ही सड़क मार्ग
पर भी लोगों को दिक्कतों का
सामना करना पड़ रहा है। सड़क
मार्ग पर वाहनों को इस दौरान
चलाने में चालकों के सर्दी
के मौसम में पसीने छूट रहे
हैं। इससे मार्ग दुर्घटनाओं
में भी इजाफा होने के आसार बढ़
गए हैं।