बेलरायां। भारत-नेपाल सीमा की ग्राम पंचायत भेड़ौरी में ओवरहेड का शुद्ध जल हजारों ग्रामीणों का सपना बनकर रह गया है। यहां वर्ष 2015 में सपा की सरकार में शुद्ध जल मुहैय्या कराने के लिए पंचायत के ग्राम भूलनपुर तकिया पुरवा में ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। वर्ष 2020 में ओवरहेड टैंक बनकर तैयार हो गया। पाइप लाइन लीक होने से पांच वर्ष बीतने पर भी इलाके के दर्जनों गांवों में पानी नहीं पहुंचा है। विभागीय लापरवाही के चलते करीब दस हजार की आबादी प्रभावित है।
सन 2020 में विभाग ने पंचायत के बेलरायां, कुशाही, तकियापुरवा, रेंजपुरवा, भूलनपुर, भेड़ौरी, हरबख्शाह पुरवा, बाबू पुरवा, महराजनगर, चांदनीपुरवा, बघइया, लालापुर सहित 15 मझरों की गलियों में पाइप लाइन बिछाकर घरों में पानी की टंकियां लगा दी गईं। ग्रामीणों का कहना है कि कर्मचारियों ने लोगों से आधार कार्ड की कॉपी लेकर ओवरहेड टैंक से चार-पांच दिन तक एकाध घंटे पानी की जलापूर्ति शुरू करा दी, लेकिन पानी गंदा ही आता रहा। बाद में जगह-जगह पाइप लाइन लीक होनी शुरू हो गई।
लोगों को फिर से नलों का आर्सेनिक युक्त पानी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने घरों की टोटियों में जलापूर्ति कराने की मांग जिम्मेदारों से कई बार की है, लेकिन कोई सुनवाई नही हुई।
ओवरहेड टैंक से पानी की आपूर्ति होने पर पाइप लाइन का पानी टोटियों के बजाय गलियों में भरना शुरू हो गया। ग्राम पंचायत के मार्गों, गलियों में पाइप लाइन अभी जगह जगह पर लीकेज है। पंचायत ने अभी ओवरहेड की सुपुर्दगी नहीं ली है। बहुत घरों में टोटियों का कनेक्शन अभी बाकी है। अधिकारियों से से बराबर वार्ता हो रही है जल्द की आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। - टीकाराम, प्रधान ग्राम पंचायत भेड़ौरी
घरों में पानी की टोटियां लगने से ग्रामीणों के चेहरे पर मुस्कान उभरी थी, लेकिन पानी की नियमित आपूर्ति शुरू न होने से लोग हैंडपंपों के आर्सेनिक युक्त पानी पीने को विवश हो गए हैं। - राजेश अग्रवाल
घरों में पानी का कनेक्शन करने के लिए ग्रामीणों से आधार कार्ड लिए गए, बाद में कर्मचारियों ने घरों में टोंटियों का कनेक्शन नहीं किया। इससे लोगों के चेहरे पर उदासी छाई हुई है। - मुनेश गुप्ता
घरों में पानी की टोटियां लगने से नागरिकों को शुद्ध पेयजल ग्रहण करने की उम्मीद जगी थी, लेकिन पांच वर्ष बीतने के बाद भी घरों की टोटियों में जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है। इससे घरों की टोंटियां महज शोपीस हो गईं हैं। - जयशंकर पांडे