बांकेगंज। आंधी में पहाड़नगर गांव में निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक ढहने के साथ तीन करोड़ नब्बे लाख रुपये की नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति पेयजल परियोजना बह गई। ग्रामीणों ने निर्माण में घटिया और मानक विहीन सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को जल निगम के जेई अमरकांत अवस्थी जांच करने के लिए पहाड़नगर गांव पहुंचे।
पहाड़नगर गांव में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2022 में ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। काम वर्ष 2023 में पूरा हो जाना था, लेकिन यह अब तक पूरा नहीं हुआ। बृहस्पतिवार देर शाम आए आंधी-तूफान में निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक हवा का दबाव नहीं झेल सका और ढह गया। इसकी चपेट में आकर दो लोग गंभीर घायल हुए हैं। कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक की स्टील की टंकी को रोकने के लिए जो सेफ्टी बेल्ट लगाई गई थी, वह हवा के दबाव से टूट गई थी। जिस कारण यह हादसा हुआ। अब इसे फिर से बनाने और पेयजल आपूर्ति शुरू करने में दो साल का और समय लग सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि ओवरहेड टैंक के निर्माण कार्य में मानकों और गुणवत्ता युक्त सामग्री का प्रयोग किया गया होता तो शायद यह हादसा नहीं होता।
जल निगम के जेई अमरकांत अवस्थी ने बताया कि पहाड़नगर गांव में ओवरहेड टैंक ढहने के मामले की जांच जा रही है। जल्दी ही जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौपेंगे। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
हादसे में एक घायल की हालत नाजुक
टैंक की चपेट में आए गांव निवासी रमेसुर और परदेसी घायल हुए थे। परदेसी का इलाज गांव में हो रहा है। गंभीर रूप से घायल हुए मूला के 65 वर्षीय पुत्र रमेसुर को परिजन लखीमपुर के निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले गए थे। रमेसुर के सिर, पेट और पीठ में गंभीर जख्म हुए हैं। उनके पुत्र पिंकू, कुलदीप, महेंद्र, मोहित व परमानंद ने बताया कि डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
पहाड़नगर गांव में निर्माणाधीन पेयजल परियोजना।