लखीमपुर खीरी। डग्गामार बसों के संचालन से परेशान रोडवेज चालकों और अनुबंधित बस मालिकों ने 28 अगस्त से चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। अनुबंधित बस यूनियन का कहना है कि अनधिकृत बसों के चलते रोडवेज और उनकी बसों को सवारियां नहीं मिल रहीं हैं, जिससे राजस्व और बस मालिक दोनों को नुकसान हो रहा है।
विरोध के मद्देनजर रोडवेज प्रशासन हड़ताल टालने के लिए सक्रिय हो गया है। एआरएम रोडवेज गीता सिंह ने इस संबंध में एसपी से मुलाकात की, इस पर एसपी ने फोर्स उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। साथ ही एडीएम नरेंद्र बहादुर ने एआरटीओ शांति भूषण पांडे से कहा कि एआरएम को साथ लेकर बुधवार से एलआरपी चौराहे पर चेकिंग अभियान चलाकर डग्गामार बसों को हटवाया जाए।
अनुबंधित बस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रवण गुप्ता ने साफ कहा कि अगर डग्गामार बसों पर रोक नहीं लगी तो उनका सामूहिक अवकाश अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से एआरटीओ और जिला प्रशासन से बात हो रही है, लेकिन नतीजा सिर्फ आश्वासन तक ही सीमित है।
डग्गामार बसों से क्यों है विवाद?
- अनधिकृत बसें चौराहे पर खड़े होकर कम पैसे में यात्रियों को ले जाती हैं।
- रोडवेज और अनुबंधित बसों की सवारियां कम हो रही हैं।
- राजस्व में बड़ी गिरावट, बस मालिकों को हो रहा नुकसान।
- कई महीनों से प्रशासन से हो रही है शिकायत, समाधान नहीं।
अगर हड़ताल हो जाती है तो फिलहाल कुछ व्यवस्था कराई जाएगी, जिससे यात्रियों को असुविधा न हो। बाकी अभियान चलाकर डग्गामार बसों को भी हटवाया जाएगा। - गीता सिंह, एआरएम, रोडवेज लखीमपुर
एलआरपी चौराहे पर सवारियों के इंतजार में खड़ी रोडवेज बस। संवाद