शासन की कोरोना से सुरक्षित करने की मुहिम को लग रहा झटका
लखीमपुर खीरी। लोगों को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए शासन ने युद्घ स्तर पर टीकाकरण कराना शुरू कर दिया है। मगर, गांवों में लोग वैक्सीन लगवाने से मनाकर टीमों को लौटा दे रहे हैं। ऐसे में तीसरी लहर की आशंका और ग्रामीणों का टीका न लगवाना शासन से लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए मुसीबत बन गया।
20 अप्रैल से शुरू हुई कोरोना की दूसरी लहर ने 10 अप्रैल तक जमकर तबाही मचाई। इन बीस दिनों में जिला अस्पताल से लेकर श्मशान घाट तक लाइनें लग र्गइं। रोजाना 10 से 15 लोगों की हो रहीं मौतों से हर तरफ हाहाकार मच गया। दूसरी लहर की तबाही को देखते हुए लोगों को तीसरी लहर से सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने सभी का टीकाकरण करना सुनिश्चित किया। मगर, ग्रामीण अंचल में लोग वैक्सीन न लगवाकर शासन की मंशा पर पानी फेर दे रहे हैं। कई गांवों में ग्रामीण टीकाकरण टीम को देखकर दरवाजा तक बंद कर लेते हैं। टीम के बुलाने पर विवाद तक करने लगते हैं।
फरधान। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित बाजपेई ने बताया कि टीकाकरण का रोजाना लक्ष्य 500 का है। अब तक 25800 लोगों के ही टीका लग सका है। क्षेत्र के करनपुर, कैमहरा, नयागांव आदि गांव के ग्रामीणों ने टीका लगवाने से मना किया। इन तीनों गांवों में सिर्फ 20 लोगों ने वैक्सीन लगवाई है। उधर, खीरी टाउन में भी लोग न तो टीका लगवाते है और न जांच करवा रहे है।
गोला। कुंभी पीएचसी प्रभारी डॉ. गणेश कुमार बताते हैं कि ग्रामीण अंचल में टीकाकरण की स्थिति काफी धीमी है। लोग वैक्सीनेशन कराने से पीछे हट रहे हैं। ब्लॉक की 101 ग्राम पंचायतों में टीकाकरण होना है। इसके लिए 11 टीमें लगी है। मगर, टीका ना लगवाने के कारण बमुश्किल से 10 फीसदी ही वैक्सीनेशन हो सका है।
मितौली के 40 गांवों में बैरंग लौटी टीकाकरण टीम
मितौली। कोरोना से सुरक्षित रहने के लिए टीकाकरण जरूरी है। मगर, दर्जनों गांवों में बीमारी होने के भ्रम में ग्रामीण वैक्सीन लगाने से बच रहे हैं। तहसील क्षेत्र के करीब 40 गांवों के लोगों ने टीकाकरण के लिए पहुंची टीम को बैरंग लौटा दिया। हालांकि निगरानी समिति के सदस्य प्रधानों के साथ ग्रामीणों को टीकाकरण के लिए जागरूक कर रहे हैं। मगर, ग्रामीण किसी की बात सुनने को तैयार नहीं।
मितौली के इन गांव के लोगों ने लौटा दीं टीमें
तेदुआ, गोदियापुरवा, बादुखेड़ा, लल्हौआ, श्रीपालपुर, भगवानपुर, झाला, लोहियापुरवा, गहिया पुरवा, आदर्शनगर, चन्दीपुर, जमुनाहिया, भदहा, रमुआपुर, मुरईताजपुर, मीरपुर, परसेहरा, लल्हौआ, चम्पापुर, बिछिया, लोहागढ़, मितौली कस्बा, बैबहा, लालपुर, छेदीपुर, मुरईताजपुर, पलाहपुर, हिन्दुनगर, खुर्रमनगर, चौगनपुर, पिपरा, पलिया, खंजननगर, मीरपुर, भदहा, देवमनिया, मड़रिया, जानकारी नगर, राजेपुर, छोटेलालपुर, अगनेपुरवा आदि गांव शामिल हैं। गांव के लोग टीकाकरण टीम को देखकर दरवाजा बंद कर लेते हैं, तो कुछ गांवों में टीम के साथ अभद्रता तक की जा रही है।
मौसमपुर स्वास्थ्य उपकेंद्र की एएनएम प्रिया देवी बताती हैं कि गांव में लोग वैक्सीन लगवाने से साफ मना कर दे रहे हैं। ग्रामीण कहते हैं कि यदि कुछ हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा, आप लिखकर दो कि कुछ नहीं होगा।
ग्राम पंचायत संडिलवा के प्रधान प्रतिनिधि दिलीप सिंह ने बताया कि निगरानी समितियों के साथ लोगों को निरंतर समझाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे वह टीकाकरण कराकर कोरोना से जंग जीत सकें।
ग्राम पंचायत पिपरझला प्रधानपति अनिल कुमार बताते हैं कि स्वास्थ्य टीम ग्रामीण टीका लगाने से बच रहे हैं। उन्हें बीमार होने का भय सता रहा है, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। लोगों को समझाने का प्रयास जारी है।
गांवों में टीकाकरण से कतरा रहे ग्रामीण
मझगईं। ग्रामीण क्षेत्र में लोग टीकाकरण कराने से लोग कतरा रहे हैं। इससे गांवों में टीकाकरण अभियान फ्लाप होने लगा है। पलिया सीएचसी अधीक्षक डॉ. हरेंद्र नाथ वरुण बताते हैं कि रोजाना टीकाकरण के लिए टीमें गांव जा रही हैं। मगर, ग्रामीण इसमें दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। हालांकि गांव वालों को जागरूक भी किया जा रहा है, लेकिन नाकाफी साबित हो रहा है।
मितौली तहसील के करीब 40 गांवों के लोगों ने टीकाकरण कराने से मना कर दिया। कई अन्य गांवों में टीम को लौटा देने की सूचना मिली है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है। लोगों को टीकाकरण के लिए जागरूक करने के लिए लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी की ड्यूटी लगाई जाएगी, जिससे ग्रामीणों केे कोरोना से सुरक्षित किया जा सके।
- डॉ. बलबीर सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी