लगदहन निवासी मृतक हरीशचंद्र का फाइल फोटो।
संपूर्णानगर/महंगापुर (खीरी)। पलिया वन रेंज के लगदहन गांव में बाघ के हमले में हरीशचंद्र की माैत के बाद ग्रामीण आक्रोश दिखे। उन्होंने बताया कि आए दिन जंगल से बाहर निकलकर बाघ मवेशियों व लोगों को नुकसान पहुंचा रहा है। जंगली सुअरों के झुंड से भी ग्रामीण काफी परेशान हैं। उनकी फसलों को जंगली सुअर के झुंड तहस-नहस कर देते हैं, जिससे काफी नुकसान भी उठाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने घटना को देखते हुए हमलावर बाघ को जल्द पकड़े जाने की मांग की गई। इसके अलावा जंगली सुअरों के आतंक से बचाने के लिए जंगल किनारे तार फेंसिंग कराने की मांग उठाई गई। ऐसा न होने पर जल्द ही आंदोलन करने की चेतावनी भी ग्रामीणों ने दी है।
किसान की माैत के बाद हुए हंगामे की सूचना पर पलिया रेंजर विनय कुमार सिंह, डिप्टी रेंजर शिवबाबू सरोज दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों की बात सुनी। अधिकारियों ने पांच लाख रुपये का मुआवजा दिलाने, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ संस्था से दस हजार रुपये दिलाने की बात कही। साथ ही तत्काल दस हजार रुपये की सहायता राशि भी परिजनों को सौंपी। मौके पर वन विभाग की टीम ने कैमरे लगा दिए हैं और बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के बाद पिंजड़ा लगाकर उसको पकड़ने की बात भी कही है।
लगदहन निवासी मृतक हरीशचंद्र का फाइल फोटो।
लगदहन निवासी मृतक हरीशचंद्र का फाइल फोटो।