नंदकिशोर मौर्य के घर से संतराम मौर्य के घर तक जाने वाले मार्ग पर भरा पानी। संवाद
निघासन। रास्तों पर कीचड़ और जलभराव से गांव दरेरी के लोग परेशान हैं। गांव के रास्तों पर पैदल चलना भी मुश्किल है। ग्रामीणों का कहना है, कि इस मार्ग पर करीब 15 साल पहले खड़ंजे का निर्माण हुआ था, लेकिन इसके बाद से मरम्मत का कार्य नहीं कराया गया। नतीजा यह है, कि सड़क तालाब जैसी बन गई है। जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं और कई स्थानों पर रास्ता धंस गया है।
नालियों की सफाई न होने से हल्की बारिश में ही पूरा इलाका पानी में डूब जाता है। वाहन चालकों और राहगीरों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नंदकिशोर मौर्य के घर से संतराम मौर्य के घर तक, सुशील पुरी के घर से अभिषेक गिरी के घर तक और रामचंद्र के घर से उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक तक का मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है।
ग्रामीण नंदकिशोर, संतराम, सुशील, अभिषेक, रामचंद्र और नन्हे मिश्रा समेत अन्य लोगों ने बताया, कि कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इस संबंध में रमियाबेहड़ की बीडीओ श्रद्धा गुप्ता ने कहा, बारिश के कारण फिलहाल मरम्मत कार्य संभव नहीं है। मार्ग को कार्ययोजना में शामिल कर बरसात खत्म होते ही मरम्मत कराई जाएगी।
नंदकिशोर मौर्य के घर से संतराम मौर्य के घर तक जाने वाले मार्ग पर भरा पानी। संवाद