तीन बच्चे, घर में एक दाना नहीं...
गांव की महिला रामसखी ने बताया कि पति पत्नी दोनों भट्ठे पर काम करते हैं। पति शाम को मजदूरी करके आए ही थे कि पुलिस उन्हें पकड़ ले गई। घर में अनाज का दाना तक नहीं है। तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। बच्चों का पेट कैसे पालेगी, यह बताते हुए वह फफककर रो पड़ी।
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पुलिस के डर से अभी पुरुष गांव में वापस नहीं आए हैं। महिलाओं का आरोप है कि पुलिस ने घरों में तोड़फोड़ भी की है। गोदावरी पत्नी अमर सिंह, निशा पुत्री लालाराम, भोली पत्नी मुन्ना लाल, सुनीता पत्नी बनवारी लाल ने भी बताया कि पुलिस ने उनकी पिटाई की। गांव में बुधवार को भी कुछ घर खुले मिले, जिनमें कोई नहीं था।
मजदूरपेशा हैं ग्रामीण
मैलानी। गांव में ज्यादातर ग्रामीण मजदूरपेशा हैं और भट्ठों आदि पर मजदूरी करते हैं। मजदूरी से मिले पैसों से ही परिवार का गुजर-बसर होता है। गांव छोड़कर भाग जाने की वजह से लोग काम पर भी नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है।
सोमवार को गई बारात तीसरे दिन तक नहीं लौटी
गांव के आकेश की बारात सोमवार को बंडा गई थी। आकेश की मां श्याम देवी ने बताया कि उसी दिन बारात वापस लौटनी थी, लेकिन डर के मारे बुधवार तक बारात तक वापस नहीं लौट सकी है। कहा कि घर में लगा खंभ तीसरे दिन उखड़ जाना चाहिए, लेकिन बारात न लौटने की वजह से खंभ भी नहीं उखाड़ा गया है।