पलियाकलां। महंगापुर में खेत पर काम कर रहे एक ग्रामीण पर तेंदुए ने हमला कर दिया। ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया। इसको इलाज के लिए पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया, जहां उसका इलाज किया गया। इसके बाद परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए, जहां से लाकर वापस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया।
महंगापुर निवासी खुशीराम पुत्र विक्रम (22) खेत में गन्ने की पत्ती नोचने गया था। बताया जाता है कि इसी दौरान गन्ने के खेत में छिपकर बैठे तेंदुए ने पीछे से खुशीराम पर हमला कर दिया। तेंदुआ के हमले पर खुशीराम जोर-जोर से चीखने-चिल्लाने लगा। खुशीराम की आवाज सुनकर पड़ोस के खेत में काम कर रहे मजदूरों ने उसको आकर बचाया।
इसी बीच तेंदुआ खेतों में होते हुए भाग निकला। परिजनों ने खुशीराम को पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां पर इलाज के बाद खुशीराम को परिजनों ने प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। जानकारी देते हुए डिप्टी रेंजर शिव बाबू सरोज ने बताया कि तेंदुए ने ग्रामीण के पीछे गर्दन पर हमला किया है। हालांकि घायल की तबीयत अभी ठीक होनी बताई गई है।
किसान के घर में घुसे बाघ ने बछड़े को मार डाला
-गोला रेंज के महरताला गांव की घटना, ग्रामीणों में दहशत
संवाद न्यूज एजेंसी
बांकेगंज। गोला वन रेंज क्षेत्र के महरताला गांव में किसान हरगोविंद सिंह के घर में घुसे बाघ ने खूंटे से बंधे बछड़े पर हमला कर मार डाला। परिजनों और ग्रामीणों के शोरगुल करने पर वह शव खींचकर नहीं ले जा सका। लोगों में दहशत का माहौल है।
मैलानी और गोला रेंज की सीमा पर स्थित बरौंछा नाला क्षेत्र में पिछले चार महीने से सक्रिय बाघ गन्ने के खेत से निकलकर गोला वन क्षेत्र के महरताला गांव निवासी किसान हरगोविंद सिंह के घर में रविवार सुबह चार बजे घुस गया। बाघ ने खूंटे से बंधे बछड़े पर हमलाकर उसे मार डाला।
बछड़े के चिल्लाने की आवाज पर जागे परिजनों के शोरगुल करने पर बाघ उसे मौके पर छोड़कर गन्ने के खेतों में छिप गया। गांव में शोरगुल की आवाजें सुनकर तमाम ग्रामीण हाथों में लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए। मौके पर पहुंची गोला रेंज के वन कर्मियों की टीम ने किसान के घर में बछड़े का शव और पगचिह्न देखकर बाघ होने की पुष्टि की है।
गांव महरताला में बाघ ने किया बछड़े का शिकार
गोला गोकर्णनाथ। रविवार की सुबह लगभग चार बजे गांव महरताला के हरगोविंद सिंह के मकान के बाहर एक पेड़ से बंधे बछड़े के ऊपर बाघ ने हमला कर दिया। बछड़े की मौके पर ही मौत हो गई है। सूचना पर पहुंचे वन रेंज कर्मचारियों से ग्रामीणों की नोकझोंक हो गई।
राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह भदौरिया के साथ प्रदेश अध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा और उपाध्यक्ष शिवदयाल वर्मा घटनास्थल गांव महरताला पहुंचे। श्रीकृष्ण वर्मा ने वन रेंज अधिकारी से पिंजरा लगाने और मचान बनाने की बात कही। इस मौके पर गांव के रामू सिंह, अमित सिंह, हरगोविंद सिंह, शिवम वर्मा, संजय सिंह, ओमप्रकाश सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
हमलावर बाघ की खोज में फिर उड़ाया ड्रोन, नहीं मिला सुराग
- झंझटपुर गांव के पास लगाए पिंजरे में बांधा गया है पड्डा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांकेगंज। गोला वन क्षेत्र के महरताला गांव में किसान के घर में घुसकर बछड़े पर हमला कर मारने के बाद आबादी के पास खेत में छिपे बाघ को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग से हमलावर बाघ को जल्द से जल्द से पकड़ने की मांग की है।
ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए दक्षिण खीरी वन प्रभाग के डीएफओ संजय बिश्वाल के निर्देश पर उसे बेहोश करने के लिए गठित टीम में शामिल पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर ने रविवार शाम घटनास्थल के आसपास फिर ड्रोन कैमरा उड़ाया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।
डीएफओ ने बताया कि बरौंछा नाला क्षेत्र में सक्रिय बाघ को बेहोश कर पकड़ने के लिए वन विभाग हर संभव प्रयास कर रहा है। उसे पकड़ने के लिए महरताला मार्ग पर झंझटपुर गांव के पास झाड़ियों में पिंजरा लगाया गया है। उसमें पड्डा बांधा गया है। इन दिनों हो रही बारिश और गन्ने के खेतों में भरा पानी बाघ को पकड़ने में बाधा डाल रहा है। उन्होंने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। संवाद
तेंदुए ने पालतू कुत्ते को बनाया
निवाला, इलाके में दहशत
पलियाकलां। क्षेत्र के बेला कलां गांव के लोहरा वीरान में बीती देर शाम एक सिख फार्मर के कुत्ते को तेंदुआ गन्ने के खेत में खींच ले गया। जहां उसका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ है। वन विभाग की टीम ने मौका मुआयना करते हुए कांबिंग शुरू कर दी है।
शनिवार की देर शाम एक बार फिर जंगल से निकलकर बेला कलां के लोहरा वीरान गांव निवासी कमल सिंह के पालतू कुत्ते पर तेंदुए ने हमला कर दिया। तेंदुआ उसको पास ही स्थित गन्ने के खेत में खींच ले गया। सुबह ग्रामीणों को कुत्ते का अधखाया शव गन्ने के खेत से बरामद हुआ।
कमल सिंह ने बताया कि उन्होंने कुत्ता करीब 25 हजार रुपये में खरीदा था। रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि घटनास्थल का जायजा लिया गया है और करीब चार दिन से यहां तेंदुए की चहलकदमी देखी जा रही है। अलग-अलग जगहों पर दिखने के कारण तेंदुए की स्थिति सही ढंग से ट्रैस नहीं हो सकी है। जल्द ही यहां कैमरा लगाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर पिंजड़ा भी लगाया जाएगा। संवाद