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ग्राम प्रधान ने सचिव को दिया इस्तीफा!

Fri, 27 Mar 2015 07:17 PM IST
निघासन
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बीडीओ और पंचायत सचिव की कारगुजारी से तंग आकर लोहिया समग्र ग्राम की प्रधान ने पंचायत सचिव को इस्तीफा दिया है। इस घटनाक्रम सेे ब्लाक अधिकारियों में अफरातफरी है। प्रधान ने पंचायत सचिव पर फर्जी हस्ताक्षर कर धन गबन का भी आरोप लगाया है।
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समग्र गांव खमरिया कोइलार की ग्राम प्रधान महरुननिशा ने बताया है कि वर्ष 2013-14 में लोहिया समग्र गांव मंजूर हुआ था। इसमें करीब 78 लोहिया आवासों की मंजूरी मिली थी। ग्रामीणों की मांग पर परियोजना निदेशक ने नौ मार्च को जांच की थी। जांच में ननका, बनवारी, छोटेलाल, जाहिद अली, सद्दीक, हंसराज समेत करीब दो दर्जन से अधिक लोगों को लोहिया आवास के लिए पात्र पाया था, जिनकी पत्रावली तैयार करने के निर्देश बीडीओ को दिए थे। आरोप है कि पंचायत सचिव विजय गुप्ता और बीडीओ तेजवंत सिंह ने प्रक्रिया पूरी नहीं की, जिसके चलते लोगों को आवास नहीं मिल सके। कई बार आवास संबंधी पत्रावली तैयार करने को कहा लेकिन ब्लाक में किसी ने नहीं सुना। इससे क्षुब्ध होकर शुक्रवार को प्रधान इस्तीफा लेकर मीटिंग हाल में पहुंची। बीडीओ ने इस्तीफा लेने से मना कर दिया जिसके बाद प्रधान ने पंचायत सचिव को इस्तीफा सौंप दिया।
करीब नौ वर्ष से अधिक समय एक ही ब्लाक में तैैनात पंचायत सचिव को हो गया है। वह मनमाने ढंग से काम करते है। किसी की भी सुनने को तैयार नहीं है।
-महरुननिशा, ग्राम प्रधान
अनैतिक कार्य कराने के लिए ग्राम प्रधान द्वारा ब्लाक के कर्मचारियों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा हैै। मैंने किसी से कोई भी अभद्रता नहीं की है। ग्राम प्रधान और उसका पति फर्जी नाटक तैयार कर रहा है।
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-विजय गुप्ता, पंचायत सचिव
इस्तीफा लेना मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। ग्राम प्रधान अनर्गल आरोप लगाकर जबरन कार्य कराना चाहती है।
-तेजवंत सिंह, बीडीओ
ऐसे देना होगा इस्तीफा
प्रधान या अन्य निर्वाचित सदस्य अगर इस्तीफा देना चाहते हैैं, तो उन्हें तय प्रक्रिया का पालन करना होगा। डीपीआरओ योगेंद्र कटियार ने बताया कि पंचायत अधिनियम की धारा 12 (च) के तहत प्रधान को डीपीआरओ कार्यालय में इस्तीफा रिसीव कराना होगा। इसके बाद अप्रूवल के लिए इस्तीफा जिला पंचायत के पास भेजा जाएगा, जहां बैठक कर इस्तीफे को मंजूरी दी जा सकती है।
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