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Lakhimpur Kheri News: दुधवा के जंगल में विजयश्री भी करेगी स्वच्छंद विचरण

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बांकेगंज। दुधवा नेशनल पार्क में चल रही गैंडा पुनर्वासन योजना से गैंडों को आजाद करने की प्रक्रिया के तहत दूसरे दिन शुक्रवार को एक मादा गैंडा विजयश्री को आजाद किया गया। अभी दो और मादा गैंडों को छोड़ा जाना बाकी है।
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दुधवा नेशनल पार्क में चल रही गैंडा पुनर्वासन योजना फेज वन में शुक्रवार सुबह से ही मादा गैंडे को पकड़ने की गतिविधियां शुरू हुईं। गैंडों को पकड़ने के लिए टीम में शामिल दुधवा टाइगर रिजर्व के अधिकारियों, पशु चिकित्सकों, गैंडा विशेषज्ञों और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने पहले से चिह्नित 15 गैंडों में से विजयश्री नाम की मादा गैंडा मिलने पर बेहोश कर उसकी सेहत जांची गई। उसे रेडियो कॉलर लगाया गया और सोनारीपुर जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए आजाद कर दिया गया।
इससे पहले बृहस्पतिवार को रघु नामक नर गैंडे को आजाद किया गया था। इस मौके पर उपनिदेशक डॉ. रंगाराजू टी., वन्यजीव प्रतिपालक दुधवा महावीर प्रसाद, किशनपुर सेंक्चुरी धर्मेंद्र द्विवेदी, पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर आदि मौजूद थे।
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आजादी से सुधरेगी गैंडों की नस्ल
दुधवा टाइगर रिजर्व और नेपाल के जंगल आपस में सटे हुए हैं। नेपाल के जंगलों में भी एक सींग वाले गैंडे पाए जाते हैं। यह गैंडे अक्सर दुधवा के जंगलों में आ जाते हैं, लेकिन अभी तक दुधवा के गैंडों के सौर ऊर्जा चालित बाड़ में रहने से नेपाली गैंडे उनसे घुलमिल नहीं पाते थे। अब जंगल में आजाद घूमने वाले दुधवा के गैंडे नेपाली गैंडों के साथ घुलमिल सकेंगे। दोनों देशों के गैंडों की नस्ल में सुधार होगा। आबादी भी बढ़ेगी।
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गैंडों को जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए आजादी देने की प्रक्रिया के तहत दूसरे दिन एक मादा गैंडा विजयश्री को जंगल में आजाद कर दिया गया है। जल्द ही दो और मादा गैंडों को आजाद किया जाएगा।
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- ललित कुमार वर्मा, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व
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