लखीमपुर खीरी। बरेली में अवैध पटाखा फैक्टरी में धमाके के बाद लखीमपुर में अग्निशमन विभाग भी अलर्ट हो गया है। दीवाली नजदीक है, ऐसे में सभी पटाखा व्यवसायी तैयारियों में जुट गए हैं। ऐसे में विभागीय अधिकारी पटाखे की दुकानों और गोदामों में छापा मार रहे हैं। अवैध पटाखा फैक्टरियों की तलाश तेज कर दी है। बता दें कि नगर में करीब दो साल पहले एक गोदाम से पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने करीब 20 लाख रुपये के अवैध पटाखे बरामद कर नष्ट कराए थे।
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो करीब 300 दुकानदार ऐसे हैं, जो पटाखा बनाने और बेचने के लिए वैध हैं। इनमें से करीब 60 प्रतिशत पटाखा व्यवसायियों ने लाइसेंस नवीनीकरण नहीं कराया है, लिहाजा विभाग ऐसे दुकानदारों की सूची बनाकर उनकी तलाश कर रहा है। दीपावली को लेकर पटाखे का व्यवसाय करने वाले दुकानदारों ने अस्थायी लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आवेदनों का सत्यापन करने के बाद अग्निशमन विभाग रिपोर्ट डीएम कार्यालय को भेज देता है, जहां पर डीएम की संस्तुति मिलने के बाद ही लाइसेंस जारी किए जाते हैं। विभाग ने अब तक 77 लाइसेंसों की संस्तुति डीएम कार्यालय को भेजी है, जिसमें 65 लाइसेंस धारकों ने पटाखा बेचने की अनुमति मांगी है, वहीं 12 ऐसे लाइसेंस धारक हैं, जिन्होंने पटाखा बनाने के लिए आवेदन किया हैं। एडीएम संजय सिंह ने बताया कि इस मामले में सही और सटीक जानकारी सत्र लिपिक से मिल सकती है।
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28 क्विंटल पटाखों की खेप हुई थी बरामद
वर्ष 2022 में शहर के देवकली रोड स्थित एक भाजपा नेता व पटाखा व्यवसायी की दुकान और गोदाम में अवैध तरीके से रखे गए पटाखों की खेप बरामद हुई थी। इसमें करीब 20 लाख रुपये की कीमत के 28 क्विंटल पटाखे बरामद कर उन्हें नष्ट किया गया था। इसमें अनार, बम, फुलझड़ी, रॉकेट सहित भारी मात्रा में पटाखों का जखीरा मिला था। पुलिस ने पटाखों को जब्त कर जमीन में दफन करा दिया था। पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने जब पटाखा व्यवसायी राजू से लाइसेंस के संबंध में पूछताछ की, तो लाइसेंस की वैधता समाप्त हो चुकी थी। इसी के चलते यह कार्रवाई की गई थी।
हमारे विभाग की ओर से आवेदन मिलने पर लाइसेंस देने की संस्तुति दी जाती है। इसके बाद का सारा काम डीएम कार्यालय की ओर से होता है। लाइसेंस और पटाखे की जांच विभाग की ओर से की जाती है।
अक्षय रंजन, अग्निशमन अधिकारी