- बरगद के पेड़ में धागा लपेटते हुए की परिक्रमा
- पेड़ की जड़ में खीरा, खरबूजा आदि किए अर्पित
- महिलाओं ने किया सोलह श्रृंगार, लगा मेला
पति के दीर्घायु और सलामती की कामना करते हुए महिलाओं ने श्रद्धा के साथ वट सावित्री की पूजा की। महिलाएं पूरा श्रृंगार कर पुराने बरगद के पेड़ के नीचे इकट्ठा हुईं और वट वृक्ष में कच्चा धागा लपेट कर पति के दीर्घायु की कामना की। साथ ही पेड़ की जड़ में खीरा, खरबूजा, पकवान आदि अर्पित करते हुए पूजा अर्चना की और सुख समृद्धि की कामना भी की।
शहर के भुइफोरवानाथ मंदिर में स्थित पुराने वटवृक्ष की पूजा करने वाली महिलाओं की भारी भीड़ रही। इसके अलावा महराजनगर, वन विभाग कार्यालय और गांधी विद्यालय इंटर कालेज में लगे वट वृक्षों के नीचे पूजा करने वाली महिलाओं का दोपहर बाद तक तांता लगा रहा। इस बार अमावस्या की तिथि 11 बजे के बाद लगी। इसलिए वट सावित्री की पूजा भी 11 बजे के बाद शुरू हुई। भुइफोरवानाथ मंदिर में दिन भर मेला लगा रहा।
गोला गोकर्णनाथ। नगर में पूजित वट वृक्षों पर सुहागिनों ने वट सावित्री के पूजन के साथ यमराज का भी पूजन किया। सुहागिनों ने निराहार व्रत रखकर वट वृक्ष पर कच्चा पीला धागा लपेट कर धूप, दीप से पूजन किया। कन्याओं को श्रृंगार सामग्री, फल अन्न आदि भेंट किए।
ममरी। सुहागिनों ने कस्बा ममरी, हैदराबाद, महेशपुर, परेली, खोखाय, अहमदनगर, दतेली, किर्तापुर, घरथनियां आदि स्थानों के पूजित वट वृक्ष में धागा लपेटकर कच्चा चना, बैगन, खरबूजा, पकवान चढ़ाकर पूजन किया।
पलियाकलां। शहर सहित आसपास क्षेत्र में वट सावित्री पूजन बरसाइत पर्व धूमधाम से मनाया गया। जिसमें महिलाओं ने पति की दीर्घायु के लिए सोलह श्रृंगार कर सावित्री पूजन करते हुए अखंड सौभाग्य की कामना की।
बांकेगंज। कस्बा में वट सावित्री पूजन धूमधाम और उत्साह से मनाया गया। इस मौके पर सुहागिन महिलाओं ने निर्जल व्रत कर विधि-विधान से वट वृक्ष पूजन कर पति दीर्घायु की कामना की।
निघासन। कस्बा सहित ग्रामीण अंचलों में महिलाओं ने व्रत रखकर अपने परिवार सहित पति की लंबी उम्र की कामना की। लुधौरी, दौलतापुर, ढखेरवा खालसा, मोटे बाबा, दुबहा, मूड़ा आदि गांवों में बरगद के वृक्ष की विधि विधान से महिलाओं ने पूजा अर्चना की।