ग्रामीण क्षेत्र में घरेलू और निजी नलकूप के बकाया बिजली बिलों के ब्याज पर सौ फीसदी की छूट योजना लागू होने के बाद अब शहरी क्षेत्र के भी उपभोक्ताओं को भी इस योजना के लागू होने की उम्मीद बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि चुनावी वर्ष में सरकार जल्द ही इसकी घोषणा कर सकती है। हालांकि इस संबंध में नियामक आयोग की ओर से कोई दिशा-निर्देश नहीं आया है।
शहरी क्षेत्र में करीब 40 हजार घरेलू उपभोक्ता हैं। इन पर करीब 50 लाख रुपये का बकाया है। बिजली विभाग ने बकाया वसूली के लिए अभियान चलाया और कैंप भी लगाए, लेकिन कोई खास राजस्व नहीं जमा हुआ। खासकर घरेलू बिजली कनेक्शनों के बकाएदारों की संख्या ज्यादा होने के कारण विभाग का कनेक्शन विच्छेदन अभियान भी सफल नहीं हो सका। शहर में नियमित बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 17 से 18 हजार ही है। बाकी उपभोक्ता कई महीनों के अंतराल के बाद ही अपना बिजली बिल जमा करते हैं। एक बिजली अधिकारी का कहना है कि कई वर्षों से शहरी क्षेत्र में भी ओटीएस लागू होती रही है। जिसका फायदा उपभोक्ताओं को मिला है। ऐसे में हजारों की संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं, जो बिजली बिल जमा करने के लिए छूट योजना का इंतजार करते रहते हैं। जिसके कारण बिजली विभाग को राजस्व वसूलने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्र में एकमुश्त समाधान योजना लागू होने के बाद शहरी उपभोक्ताओं के साथ-साथ बिजली अधिकारियों को भी शहरी क्षेत्र में योजना के लागू होने की उम्मीद जगी है। हालांकि एसडीओ टाउन राहुल शर्मा का कहना है कि शहरी क्षेत्र में ओटीएस को लेकर अभी तक कोई निर्देश नहीं आया है, लेकिन अगर इस संबंध में निर्देश आता है तो न सिर्फ उपभोक्ताओं को फायदा होगा, बल्कि राजस्व भी ज्यादा आएगा।