एडीएम को ज्ञापन देते भाकीयू कार्यकर्ता
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लखीमपुर खीरी। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले भाकियू (चढूनी) और भाकियू (टिकैत) गुटों ने सोमवार को केंद्र सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए विश्वासघात दिवस मनाया। दोनों गुटों ने राष्ट्रपति को संबोधित एक-एक ज्ञापन एडीएम व एसडीएम को दिया है।
भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह संधू और चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष अमनदीप सिंह संधू की अगुवाई में प्रतिनिधि मंडल ज्ञापन देने कलक्ट्रेट पहुंचा और विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन एडीएम व एसडीएम को सौंपे। इस ज्ञापन में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव ने नौ दिसंबर 2021 को सरकार की ओर से कुछ मुद्दों का समाधान करने का आश्वासन देकर आंदोलन वापस लेने का आग्रह किया था। इसके बाद 11 दिसंबर से दिल्ली बॉर्डर पर लगे मोर्चा व धरना प्रदर्शन उठा लिए गए थे।
चिट्ठी में वादा किया गया था कि किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सिर्फ हरियाणा सरकार ने कुछ केस वापस लेने के आदेश दिए हैं। आंदोलन के दौरान शहीद किसानों के परिवारों को मुआवजा राशि नहीं दी गई है।
साथ ही आरोप लगाया है कि तिकुनिया कांड में षड्यंत्रकारी अजय मिश्र टेनी का केंद्रीय मंत्रिमंडल में बना रहना संवैैधानिक मर्यादा के खिलाफ है। आस्ट्रेलिया के साथ मुक्त व्यापार समझौते से डेयरी किसान के अस्तित्व पर खतरे के बादल मंडराने का आरोप लगाया है। इस दौरान बलवीर सिंह, कुलवंत सिंह, जितेंद्र पटेल, कपिल सिंह, जसराज आदि मौजूद रहे।
एसडीएम को ज्ञापन देते संयुक्त किसान मोर्चा के लोग- फोटो : LAKHIMPUR