- बच्चों और महावतों को दी गईं तमाम जानकारियां
दुधवा नेशनल पार्क में दुधवा टाइगर रिजर्व एवं विश्व प्रकृति निधि भारत के तत्वाधान में विश्व गैंडा दिवस धूमधाम से मनाया गया। इसमें बच्चों को गैंडे के बारे में जानकारी दी गई।
दुधवा पर्यटन परिसर में दुधवा टाइगर रिजर्व एवं विश्व प्रकृति निधि भारत के संयुक्त आयोजन में विश्व गैंडा दिवस मनाया गया। मुख्य अतिथि डिप्टी डायरेक्टर महावीर कौजलगि ने पूरे विश्व में गैंडे के संरक्षण के बारे में चल रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने इस कार्य में लगे महावतों को भी बताया कि गैंडा एक दुर्लभ वन्यजीव है, इसीलिए इसके संरक्षण में लगे लोगों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हैं। उप प्रभागीय वनाधिकारी बेलरायां एनके उपाध्याय ने बताया कि पूरे विश्व में पांच प्रजाति के गैंडे पाए जाते हैं। जिनमें एक सींग वाला गैंडा भारत में पाया जाता है। उन्होंने कहा कि भारत में भी यह गैंडे केवल दो स्थानों पर पाए जाते हैं एक क्षेत्र पूर्वोत्तर में है दूसरा क्षेत्र तराई में केवल दुधवा है। उन्होंने दुधवा के राइनो गैंडा पुर्नवास के इतिहास को बताया एवं गैंडा मानीटरिंग के बारे में भी बताया। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के को-आर्डीनेटर डॉ. मुदित गुप्ता ने गैंडे की मानीटरिंग के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम का संचालन दबीर हसन ने किया। इस दौरान एडमांटन पब्लिक स्कूल, गुरुकुल एकेडमी, दि इंडियन एकेडमी, प्राथमिक विद्यालय भगवंतनगर, बेला कलां के छात्रों को गैंडे के व्यवहार के बारे में जानकारियां दी गईं। इस मौके पर वन्यजीव वार्डन दुधवा आरके श्रीवास्तव, करतनिया घाट फाउंडेशन के फजलुर्रहमान, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के जंतु वैज्ञानिक रोहित रवि, राधेश्याम भार्गव, वन क्षेत्राधिकारी बेलरायां अशोक कश्यप, पर्यटन रेंज अधिकारी प्यारेलाल के साथ ही राइनो एरिया के कर्मचारी, ईको विकास समितियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।