गड़बड़ी के आरोपों से घिरी उप प्राचार्य मीरा हटाई गईं
विभागीय जांच में फर्जी चयन की हुई पुष्टि
अर्से से कार्यशैली और गड़बड़ियों के चलते विवादों में घिरी डायट की उप प्राचार्य डॉ मीरा त्रिपाठी को आखिर हटना पड़ा है। डीएम आकाश दीप ने बुधवार को उप प्राचार्य/प्रभारी प्राचार्य डॉ मीरा को कार्यमुक्त कर दिया, जिनके स्थान पर वरिष्ठ प्रवक्ता उमेश कुमार शुक्ला को पदोन्नत करते हुए प्रभारी प्राचार्य बनाया गया है। वहीं पूर्व उप प्राचार्य के खिलाफ लगे फर्जी चयन के आरोपों की विभागीय जांच में पुष्टि हो गई है।
बता दें कि गोला गोकर्णनाथ निवासी अधिवक्ता संतोष त्रिपाठी ने अप्रैल 2016 को प्रशिक्षु शिक्षक चयन 2011 में चार प्रशिक्षुओं के फर्जी चयन करने का आरोप लगाते हुए सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इस संबंध में विभाग से रिकार्ड मांगे थे, जिसके बाद राज्य शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के निदेशक ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव नीना श्रीवास्तव ने डायट का स्थलीय निरीक्षण कर प्रशिक्षु रोली वर्मा, नैना अग्रवाल, अभय सरोज और रंजू यादव के प्रवेश संबंधी अभिलेख मांगे थे, लेकिन तत्कालीन उप प्राचार्य मीरा त्रिपाठी ने अभिलेख वकील के पास होने का हवाला देकर टरका दिया था। इसके बाद 11 जुलाई को रिमाइंडर जारी कर रिकार्ड मांगे गए, तब ईमेल से सूचनाएं भेजी गईं। परीक्षा नियामक प्राधिकारी की जांच आख्या पर निदेशक ने आरोपों की पुष्टि करते हुए उप प्राचार्य मीरा त्रिपाठी को लखीमपुर से हटाने की संस्तुति की थी, जिस पर शासन ने 29 जुलाई 2016 को उप प्राचार्य मीरा का तबादला इसी पद पर उन्नाव डायट कर दिया, जबकि यहां हाथरस के प्राचार्य हरवंश सिंह को चार्ज संबंधी आदेश जारी किया था। तीन दिनों तक हाथरस से हरवंश सिंह ज्वाइन करने नहीं आए, तो मुकदमे के वादी संतोष त्रिपाठी के प्रत्यावेदन पर विचार करते हुए डीएम आकाश दीप ने त्वरित कार्रवाई की है।