फाइल फोटो- दुधवा के जंगल में विचरण करते नेपाल के जंगली हाथी।
बांकेगंज। नेपाल के शुक्लाफांटा नेशनल पार्क से चलकर दो जंगली हाथी किशनपुर सेंक्चुरी जंगल में पहुंच गए हैं। इससे किसानों में जहां अफरा-तफरी है, वहीं वन विभाग ने निगरानी शुरू कर दी है।
नेपाल के जंगल से चलकर हर साल एक या दो बार जंगली हाथी अपने प्रचलित काॅरडोर से होते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी और बफरजोन के जंगल में आते हैं। कभी-कभी यह हाथी दक्षिण खीरी वन प्रभाग की मोहम्मदी और शाहजहांपुर जिले की खुटार रेंज तक पहुंच जाते हैं। आमतौर से ये हाथी जुलाई-अगस्त माह में आते हैं, लेकिन इस बार अप्रैल माह की शुरुआत में ही आ गए हैं।
दरअसल नेपाल से हाथियों के झुंड आने से पहले मुखिया (टस्कर) यहां आकर हाथियों के प्राकृतवास और भोजन-पानी की उपलब्धता का जायजा लेते हैं। मंगलवार को नेपाल के शुक्ला फाटा नेशनल पार्क से चलकर दो टस्कर हाथी संपूर्णानगर रेंज से पीटीआर की हरीपुर रेंज होते हुए बफरजोन भीरा रेंज की महराजनगर बीट से किशनपुर सेंक्चुरी की सुल्तानपुर बीट में पहुंचे हैं।
जहां उन्होंने डेरा डाल दिया है। संभावना जताई जा रही है कि इनका संकेत मिलने के बाद कुछ और जंगली हाथी नेपाल से आ सकते हैं। वन विभाग ने हाथियों की निगरानी शुरू कर दी है। किशनपुर सेंक्चुरी, बफरजोन मैलानी रेंज और दक्षिण खीरी वन प्रभाग की मोहम्मदी रेंज की टीमों ने जंगल के आसपास बसे गांवों के ग्रामीणों को जागरूक करना शुरू कर दिया है।
नेपाल से दो जंगली हाथी पीटीआर होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी में पहुंचे हैं। वन कर्मियों की टीमें गठित कर उनकी निगरानी कराई जा रही है।
- डॉ. एच मोहनराजा, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व