लखीमपुर खीरी। दो माह के मासूम विहान की जिंदगी इस समय वक्त और व्यवस्था के बीच अटकी हुई है। जन्म के साथ ही दिल में छेद जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे इस बच्चे की हर धड़कन के साथ पिता आशीष कनौजिया की उम्मीदें भी कमजोर पड़ती जा रही हैं।
बेहटा खमरिया निवासी आशीष कनौजिया की शादी 2021 में प्रियंका वर्मा से हुई थी। तीन साल बाद बेटी भव्या के जन्म से घर में खुशियां आईं। फरवरी 2026 में बेटे विहान के जन्म ने परिवार को पूरा कर दिया, लेकिन यह खुशी ज्यादा दिन टिक नहीं सकी। जन्म के तुरंत बाद चिकित्सकों ने विहान के दिल में छेद होने की पुष्टि कर दी। इसके बाद उन्होंने लखनऊ में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में इलाज कराया, जहां करीब तीन लाख रुपये खर्च आया। वहां फायदा नहीं हुआ तब से आशीष अस्पतालों और दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल में 24 अप्रैल को भर्ती और 27 अप्रैल को ऑपरेशन की तारीख तय हो चुकी है। वहां इलाज में करीब सात लाख रुपये का खर्च आएगा। डॉक्टरों ने समय पर सर्जरी जरूरी बताई है, लेकिन आर्थिक तंगी आशीष के सामने सबसे बड़ी दीवार बनकर खड़ी है।
आशीष सोलर पैनल का व्यवसाय करते थे, लेकिन भागदौड़ में उनका यह काम भी छूट गया। आशीष अब तक सीएमओ, जिलाधिकारी, विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक को पत्र लिख चुके हैं। कई जनप्रतिनिधियों से मिल चुके हैं, लेकिन मदद अब भी फाइलों में उलझी हुई है। संवाद
हाथ में बैनर लेकर लगा रहे मदद की गुहार
शनिवार को डीएम कार्यालय के बाहर बैठे आशीष अपने हाथों में कृपया मदद करें, मेरे दो माह के बच्चे को गंभीर हृदय रोग है... का पोस्टर लिए लोगों से गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी डीएम से मुलाकात तक नहीं हो सकी। आशीष की आंखों में बस एक ही उम्मीद है कि उनका बेटा विहान स्वस्थ हो जाए।
पीड़ित पिता से मुलाकात हुई थी। बच्चे के लिए इलाज के लिए तत्काल शासन को एस्टीमेट भेजा गया था। स्वीकृति के बाद जल्द से जल्द इनके खाते में इलाज के लिए सहायता राशि भेज दी जाएगी।
-विनोद शंकर अवस्थी, विधायक, धौरहरा
संबंधित अस्पताल से जो एस्टीमेट शासन को जाता है, उसी आधार पर मदद के रूप में उसी अस्पताल को राशि भेजी जाती है। यह मामला अभी हमारे पास नहीं आया है, जब आएगा तो पीड़ित की पूरी मदद की जाएगी।
-डॉ. संतोष गुप्ता, सीएमओ
जिलाधिकारी कार्यालय के सामने गुहार लगाते आशीष। संवाद