लखीमपुर खीरी। किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के 12 साल पुराने मामले में एडीजे रेनू सिंह ने दो दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
नीमगांव थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली किशोरी एक अप्रैल 2014 की शाम को सात बजे शौच के लिए खेतों में गई थी, तभी ग्राम जगना मजरा भूलनपुर निवासी असलम और सूफियान ने किशोरी को दबोच लिया। उसे धमकाते हुए उठाकर प्राथमिक पाठशाला के बंद पड़े भवन में ले गए, जहां दोनों ने किशोरी से दुष्कर्म किया। रक्त रंजित अवस्था में किशोरी बेहोश हुई, तो दुष्कर्मी उसे मरा समझ भाग गए।
परिजनों ने किशोरी को बमुश्किल तलाशा तो उसने रोते हुए घटना बताई। नीमगांव पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की तो पीड़िता ने पांच अप्रैल, 2014 को दूसरी बार पुलिस अधीक्षक से मिलकर प्रार्थना पत्र दिया। एसपी के आदेश के बाद महिला थाने में दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज की गई। फजीहत होने के बाद नीमगांव पुलिस ने नामजद आरोपी असलम और सूफियान को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
अदालती सुनवाई के दौरान पीड़िता और उसके पिता के साथ ही डाॅ. यामिनी बादल और डाॅ. वीके वर्मा, फैज अली, मुस्तफा और इंस्पेक्टर महेंद्रपाल सिंह, इंस्पेक्टर राकेश कुमार सिंह तथा हेड कांस्टेबल सुमनबाला मिश्र ने अपने बयान दर्ज कराए थे।
सोमवार को एडीजे रेनू सिंह ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सूफियान और असलम को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। संवाद