नेपाल से भारत की ओर निकलते हुए जैन मुनि। स्रोत: सोशल मीडिया
तिकुनिया। सर्वोदय शांति पदयात्रा छह फरवरी को ही नेपाल से भारत में प्रवेश करेगी। इसके स्वागत की तैयारी में जैन भक्त जुट गए हैं। पहले यह यात्रा 11 फरवरी को आनी थी।
अंतरराष्ट्रीय मानव मिलन संस्था के संस्थापक जैन मुनि डॉ. मणिभद्र मुनिजी महाराज के नेतृत्व में सर्वोदय शांति पदयात्रा नेपाल के पोखरा से शुरू हुई थी। संस्था के तिकुनिया अध्यक्ष दिनेश कुमार जैन ने बताया कि पदयात्रा बीते एक वर्ष से नेपाल में विचरण कर रही है। वर्ष 2025 का चतुर्मास नेपाल के पोखरा में जैन स्थानक में संपन्न हुआ। जैन मुनि डॉ. मणिभद्र मुनि जी महाराज का 2026 का चातुर्मास छत्तीसगढ़ के दुर्ग में होगा।
यात्रा में भारत व नेपाल के बड़ी संख्या में धर्म-प्रेमी जुड़ रहे हैं। सर्वोदय शांति पदयात्रा लुंबिनी बॉर्डर से भारत में प्रवेश करेगी। इसके बाद भारत के गोरखपुर तथा बनारस सहित कई स्थानों से होते हुए छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पहुंचेगी। नेपाल लुंबिनी बॉर्डर से 11 फरवरी को भारत में प्रवेश करने का कार्यक्रम था, मगर अब कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। छह फरवरी को सर्वोदय शांति पदयात्रा भारत नेपाल लुंबिनी बॉर्डर से भारत में प्रवेश करेगी। यात्रा के माध्यम से जैन मुनि डॉ. मणिभद्र मुनि जी महाराज लोगों को धर्म का मार्ग बताते हुए चल रहे हैं।