लखीमपुर खीरी। किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और उससे दुष्कर्म करने के मामले में एडीजे भूलेराम ने दो दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उन पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि 9 अगस्त 2007 को फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी को मन्ठौआ पुरवा, मजरा पूजागांव के निवासी नीरज कुमार उर्फ बड़कन्ने और सुरेश कुमार उर्फ मंझले बहला-फुसलाकर ले गए थे। दोनों ने किशोरी से अलग-अलग समय पर शादी करने का बहाना बनाकर दुष्कर्म किया।
किशोरी के घर से गायब होने पर परिजनों ने फूलबेहड़ पुलिस से शिकायत की लेकिन पुलिस ने मामले में शुरुआत में संज्ञान नहीं लिया। बाद में परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर मामले की पुनः शिकायत की। पुलिस ने घटना के सात दिन बाद रिपोर्ट दर्ज की।
अदालत में सुनवाई के दौरान पीड़िता और उसके पिता, डॉ. दीपा शर्मा, एसआई वीरेंद्र प्रताप सिंह और शाहजहां खां ने अपने बयान दर्ज कराए और अभियोजन का समर्थन किया। साढ़े 18 साल बाद शनिवार को एडीजे भूलेराम ने दोनों दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने आदेश दिया कि वसूली गई जुर्माने की राशि का 75 प्रतिशत पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा।