धौरहरा। सिसैया चौराहे स्थित इफ्को केंद्र पर शुक्रवार को यूरिया लेने पहुंचे किसानों की लंबी कतार में दो किसान भीषण गर्मी और घंटों इंतजार के कारण बेहोश हो गए। मौके पर मौजूद किसानों ने दोनों को संभालकर पीएचसी सिसैया भिजवाया।
यूरिया की मांग बढ़ने से शुक्रवार सुबह से बड़ी संख्या में किसान इफ्को केंद्र पहुंच गए थे। सीमित स्टॉक और धीमी वितरण व्यवस्था के कारण किसानों को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ा। इसी दौरान ठुठवा बंशीबेली निवासी दुलारे और मुराउन पुरवा निवासी बुजुर्ग किसान जमुना की तबीयत बिगड़ गई और दोनों बेहोश होकर गिर पड़े।
घटना से कुछ देर अफरा-तफरी मच गई। किसानों ने दोनों को छाया में लिटाकर पानी पिलाया और होश में लाने का प्रयास किया। हालत में सुधार होने पर उन्हें पीएचसी सिसैया ले जाया गया, जहां उपचार के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई गई।
सिसैया के इफ्को केंद्र पर न पानी की व्यवस्था है और न छाया। किसान कड़ी धूप में खड़े रहते हैं, जिससे तबीयत खराब हो रही है। एक बोरी खाद के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।
-श्याम अवस्थी, शेखनपुरवा, धौरहरा
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सिर्फ सिसैया ही नहीं, किसी भी बी-पैक्स या खाद केंद्र पर किसानों की सुविधा के इंतजाम नहीं हैं। एक बूंद पानी को तरसते हैं। दिनभर लाइन में लगने के बाद भी आधे से ज्यादा किसान बिना यूरिया के लौट जाते हैं। -विकास, अवस्थी पुरवा, धौरहरा
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सूचना मिलते ही मैं मौके पर पहुंचा था। निरीक्षण में केंद्र पर पेयजल और छाया की समुचित व्यवस्था नहीं थी। प्रथम दृष्टया अधिक गर्मी के कारण दोनों किसानों की तबीयत बिगड़ी थी। उपचार के बाद दोनों स्वस्थ हैं। केंद्र प्रभारी को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई है।
-शशिकांत मणि, एसडीएम, धौरहरा
श्याम अवस्थी- फोटो : निरीक्षण करते हुए बीएसए अनिल कुमार। स्रोत: विभाग