लखीमपुर खीरी। पुरानी रंजिश के चलते ग्रामीण की हत्या के मामले में 27 साल बाद शनिवार को फैसला आया। एडीजे प्रतिभा नरायन की अदालत ने दो सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी ने बताया कि मितौली थाना क्षेत्र के ग्राम ढखिया जाट निवासी रामगुलाम की गांव के ही रमेश और उसके भाई मनमोहन से पुरानी रंजिश थी। 19 अक्तूबर 1997 को रामगुलाम के लिए शराब की दावत रखी गई। इसमें शराब पिलाकर अत्यधिक नशे में करने के बाद रामगुलाम पर धावा बोल दिया गया। हमलावरों के इरादे देखकर रामगुलाम भागने लगा तो हत्यारोपियों ने धारदार हथियार से खांदकर और तमंचे से फायरिंग करते हुए रामगुलाम को मौत के घाट उतार दिया।
पड़ोसी दुकानदार शशिकांत को भी इस हमले के दौरान फायरिंग में छर्रे लगे थे। मृतक रामगुलाम की पत्नी रामबेटी ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद अन्य आरोपियों के साथ ही रमेश और मनमोहन को हिरासत में लिया था। इनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद रमेश और मनमोहन को हत्या के लिए दोष सिद्ध करते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।