अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने शहीद दरोगा मनोज मिश्रा के परिवार वालों को न्याय दिलाने के लिए तीसरे दिन भी आमरण अनशन जारी रखा, जिसमें दो अनशनकारियों की हालत अचानक बिगड़ गई। इससे पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई। आनन-फानन में डॉक्टरों की टीम धरनास्थल पहुंची और दोनों अनशनकारियों का चेकअप किया। इसकी खबर हरदासपुर गांव में क्रमिक अनशन पर बैठे शहीद दरोगा के परिवार वालों को मिली तो शहीद दरोगा की मां शिवपति मिश्रा और भाई सर्वेश मिश्रा ने धरनास्थल पर पहुंचकर दोनों अनशनकारियों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
शहर के मौजी नसीरुद्दीन परिसर में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष कमल मिश्रा उर्फ पंडित और मंत्री राजू शुक्ला ने शहीद दरोगा मनोज मिश्रा हत्याकांड की सीबीआई जांच सहित अन्य मांगों को लेकर 20 अक्तूबर से अनशन शुरू किया था। गुरुवार को दो पदाधिकारियों कमल मिश्रा और राजू शुक्ला की हालत बिगड़ गई। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम सदर आलोक वर्मा, कोतवाल नेमचंद्र गंगवार धरनास्थल पहुंचे, जिसके बाद डॉक्टरों की टीम ने अनशनकारियों का चेकअप किया। वहीं अनशनकारियों की हालत बिगड़ने की सूचना मिलने पर शहीद दरोगा की मां शिवपति मिश्रा और भाई सर्वेश मिश्रा ने धरनास्थल पहुंचकर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया, जिसके बाद मां ने राजू शुक्ला और सर्वेश मिश्रा ने कमल मिश्रा को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। जिलाध्यक्ष कमल मिश्रा ने कहा कि 40 दिन बीत जाने के बाद भी शहीद दरोगा के परिवार वालों को न्याय दिलाने की पहल नहीं हुई, तो आमरण अनशन पर बैठना पड़ा। उन्होंने कहा कि अभी अनशन को स्थगित किया जा रहा है, यदि शासन ने शीघ्र ही सीबीआई जांच समेत अन्य मांगों पर कार्रवाई शुरू नहीं की तो फिर से अनशन शुरू किया जाएगा। इस दौरान उमाशंकर मिश्रा, नंद किशोर मिश्रा, राजकुमार त्रिवेदी, सूरज त्रिवेदी, शिवम अवस्थी, सुभाषिनी, रजनीश, मोहन जी शुक्ला, संगीता मिश्रा मौजूद रहे।
सचिवालय से आए फोन पर मिला कार्रवाई का आश्वासन
शहीद दरोगा की मां शिवपति मिश्रा ने बताया कि गुरुवार को सचिवालय से फोन आया है, जिसमें कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि हरदासपुर गांव में क्रमिक धरना जारी रहेगा। सीबीआई जांच की मांग से कम कुछ भी स्वीकार नहीं होगा।