बांकेगंज (खीरी)। नेपाल के शुक्लाफांटा नेशनल पार्क से एक टस्कर हाथी किशनपुर अभयारण्य पहुंच गया है। इससे किसानों में अफरा-तफरी है, वहीं वन विभाग ने निगरानी शुरू कर दी है।
बारिश के दौरान हर साल एक-दो बार हाथी शारदा नदी पार कर प्रचलित कॉरिडोर से किशनपुर अभयारण्य और बफरजोन आते हैं। कभी-कभी मोहम्मदी और शाहजहांपुर की खुटार रेंज तक पहुंच जाते हैं। जुलाई में आने वाले हाथी तीन-चार माह प्रवास के बाद गणेश चतुर्थी के दौरान नेपाल लौट जाते हैं। इस दौरान मैलानी, गोला, भीरा और महेशपुर रेंज तक जाकर आसपास के किसानों की फसल चरकर और रौंदकर नुकसान पहुंचाते हैं।
बताया जाता है कि झुंड आने से पहले मुखिया टस्कर प्राकृतवास और भोजन-पानी की उपलब्धता का जायजा लेने आता है। सोमवार को यह हाथी बफरजोन संपूर्णानगर रेंज से पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की हरीपुर रेंज होते हुए बफरजोन भीरा रेंज की महराजनगर बीट से किशनपुर अभयारण्य की सुल्तानपुर बीट पहुंचा। संभावना है कि इसके संकेत के बाद कुछ और जंगली हाथी नेपाल से आ सकते हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच राजामोहन ने बताया कि नेपाल से एक हाथी के पीटीआर होते हुए किशनपुर अभयारण्य पहुंचने की सूचना मिली है। वनकर्मियों की टीमें गठित कर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
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तेंदुआ दिखने से नानक नगर में दहशत
निघासन। कस्बे के झंडी मार्ग स्थित नानक नगर वार्ड नंबर-10 के भजनपुरवा के पास रविवार रात तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों का दावा है कि तेंदुआ गन्ने के खेत की ओर गया और भजनपुरवा निवासी राकेश मौर्य के पालतू कुत्ते पर हमला किया।
सूचना पर आसपास के लोग जुट गए। ग्रामीणों ने बच्चों और मवेशियों को घरों में सुरक्षित रखा और खेतों की ओर जाने से परहेज किया। गन्ने की फसल अधिक होने से तेंदुए के छिपे होने की आशंका है। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के बावजूद वन विभाग की टीम देर तक नहीं पहुंची। उन्होंने पिंजरा लगाने, लगातार गश्त और तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। संवाद