सांड़ के इलाज को भटकता रहा बच्चा
पशु चिकित्सालय स्टाफ को भी नहीं आई दया
रेलवे मालगोदाम पर तड़प रहे सांड़ का देखकर मुस्लिम धर्म का बालक तो भटकता रहा, लेकिन गो सेवकों से लेकर पशु चिकित्सालय के डॉक्टर और स्टाफ तक ने सुधि नहीं ली। हालांकि सांड़ को तड़पते राहगीरों से लेकर रेल कर्मियों तक ने देखा, लेकिन किसी ने भी ध्यान नहीं दिया।
शुक्रवार को अमर उजाला कार्यालय पहुंचे गोटैया बाग निवासी राम नरायन शिक्षा निकेतन के कक्षा छह के छात्र अदनान ने बताया कि दो दिन से एक सांड़ रेलवे मालगोदाम के पास पड़ा तड़प रहा है। छात्र ने बताया कि इसकी सूचना पश् ाुचिकित्सालय स्टाफ को दी, लेकिन मौजूद लोगों ने अकेले होने की बात कहकर चलता कर दिया। छात्र का कहना था कि सांड़ के इलाज के लिए उसने जिससे भी कहा, उसने उसकी बात को तवज्जो नहीं दी। इस पर वह पूछते हुए अखबार के दफ्तर आ गया। उसने बताया कि सांड़ के पड़े होने की जानकारी उसने भाजपा कार्यालय और कुछ हिंदू संगठन के पदाधिकारियों को भी दी, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। छात्र अदनान और मोहल्ले के लोग दर्द से कराह रहे सांड़ को पानी पिलाकर उसकी देखरेख करते रहे।
काश, कोई इस बेजुबान को बचा ले
छात्र अदनान का कहना है कि उसकी पूरी कोशिश है वह सांड बच जाए। वह उसे चलता फिरता देखना चाहता है। वह कहता है कि उसे भरोसा है कि अमर उजाला में छपने के बाद सांड़ का इलाज जरूर शुरू हो जाएगा। फिर बोला, काश कोई इस बेजुबान को बचा ले।
मामले की जानकारी नहीं है। यदि छात्र पश् ाुचिकित्सालय गया था तो स्टाफ को जाकर देखना चाहिए था। मामला संज्ञान में आया है सांड़ का इलाज कराया जाएगा।
डॉ.टीके तिवारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।