तिरंगा यात्रा में शामिल शिक्षकगण। स्रोत स्वयं
- फोटो : टूंडला में वार्ता करते श्रीनगर रामलीला महोत्सव के पदाधिकारी संवाद
लखीमपुर खीरी। हाथों में तिरंगा और जुबां पर पुरानी पेंशन बहाली की मांग। ऑल टीचर्स एंड एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) के तत्वावधान में शिक्षक-कर्मचारियों ने शनिवार को बिलोबी मेमोरियल मैदान से कलक्ट्रेट तक तिरंगा यात्रा निकाली। एनपीएस/यूपीएस, निजीकरण और टीईटी अनिवार्यता समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।
यात्रा का नेतृत्व जिला संयोजक विश्वनाथ मौर्य ने किया। कार्यक्रम को प्रदेश संगठन मंत्री संदीप वर्मा, जिला संयोजक विश्वनाथ मौर्य, जिला महामंत्री मनोज वर्मा और जिला कोषाध्यक्ष राजेश पाण्डेय ने संबोधित किया।
प्रदेश संगठन मंत्री संदीप वर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन केवल सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली आर्थिक सुरक्षा नहीं, बल्कि शिक्षक एवं कर्मचारी के सम्मानजनक भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न है। उन्होंने कहा कि शिक्षक और कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आवाज बुलंद करते रहेंगे।
जिला महामंत्री मनोज वर्मा ने कहा कि शिक्षक एवं कर्मचारी समाज देश की शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण रीढ़ है। जिला कोषाध्यक्ष राजेश पांडेय ने कहा कि तिरंगा यात्रा में शिक्षकों एवं कर्मचारियों की अभूतपूर्व भागीदारी ने स्पष्ट कर दिया कि पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा कर्मचारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बिलोबी मेमोरियल मैदान से शुरू हुई तिरंगा यात्रा हमदर्द दवाखाना होते हुए हीरालाल धर्मशाला पहुंची। इसके बाद गुरु गोविंद सिंह चौक होते हुए जिला कलक्ट्रेट परिसर, लखीमपुर पहुंची, जहां यात्रा का समापन हुआ।