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‘प्रारंभिक अवस्था में पहचान होने पर संभव है उपचार’

Wed, 08 Mar 2017 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर-खीरी। 
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कैंसर - फोटो : अमर उजाला
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महिला दिवस पर जिला महिला अस्पताल में 17 महिलाओं की हुई गर्भाशय और ब्रेस्ट कैंसर की जांच 
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संपूर्णा क्लीनिक पर होनी है 30 साल से अधिक उम्र की महिलाओं की जांच
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर जिला महिला अस्पताल में चल रहे संपूर्णा क्लीनिक में बुधवार को 75 महिलाओं का चेकअप हुआ। जिसमें 17 महिलाओं में वीआईए विधि से गर्भाशय और ब्रेस्ट कैंसर की जांच की गई। हालांकि इस दौरान किसी भी महिला में इसकी पुष्टि नहीं हुई।
संपूर्णा क्लीनिक की शुरूआत सीएमओ डॉ. जावेद अहमद ने की। उन्होंने सभी महिलाओं को क्लीनिक पर पहुंचकर गर्भाशय और ब्रेस्ट कैैंसर की जांच कराने के लिए प्रेरित किया। एसीएमओ एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. रवींद्र शर्मा ने कहा कि संपूर्णा क्लीनिक का उद्देश्य महिलाओं को स्वस्थ बनाना है, लेकिन गर्भाशय और ब्रेस्ट कैंसर उनके लिए जानलेवा हो सकता है इसलिए इन रोगों से महिलाओं को बचाने के लिए जांच करके गर्भाशय एवं ब्रेस्ट कैंसर के प्रारंभिक स्तर की पहचान करना है। जिससे शुरूआती लक्षण मिलने पर महिलाओं को समय से इलाज दिलाकर कैंसर मुक्त किया जा सके। 
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उन्होंने कहा कि 30 साल से अधिक उम्र की महिलाएं यहां पर आकर अपनी जांच करा सकती हैं। डॉ. पुष्पलता ने कहा कि यह दोनो कैंसर लाइलाज हैं, लेकिन यदि इनकी प्रारंभिक अवस्था में पहचान हो जाए, तो इसका उपचार संभव है। एसीएमओ ने बताया कि वीआईए विधि से इस प्रकार के कैंसर की पहचान की जाती है और प्रारंभिक अवस्था में उसे क्रायो विधि (ठंडी सिंकाई) से जलाकर खत्म कर दिया जाता है। इस दौरान रेडक्रॉस की आरती श्रीवास्तव, स्टाफ नर्स नेहा रावत, एएनएम मधू, एनसीडी सेल के विजय वर्मा, अनुज श्रीवास्तव और देव नंदन श्रीवास्तव मौजूद रहे। 
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