प्रशिक्षु शिक्षकों को दिया जा रहा तीन माह का सैद्धांतिक प्रशिक्षण करीब-करीब खत्म होने को है। अब तक इन प्रशिक्षु शिक्षकों को प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम का मॉडयूल नहीं मिल सका है। ऐसे में प्रशिक्षु शिक्षक परीक्षा कैसे देंगे, यह चिंता उनको और प्रशिक्षकों को भी है।
प्रशिक्षु शिक्षकों को तीन माह स्कूलों में व्यवहारिक प्रशिक्षण दिए जाने के बाद तीन माह का सैद्धांतिक प्रशिक्षण जिले के सभी बीआरसी भवनों पर चल रहा है। जो संभवत: इस माह के अंत तक खत्म हो रहा है। प्रशिक्षण के बाद इनकी परीक्षा अगस्त के तीसरे सप्ताह तक प्रस्तावित है। खास बात यह है कि सैद्धांतिक प्रशिक्षण के लिए विभागीय पाठ्यक्रम का मॉड़यूल इन्हें अब तक नहीं मिल पाया है। इससे ट्रेनिंग हाल में जबानी जमा खर्च के अंदाज में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग ने पाठ्यक्रम का मॉडयूल अपनी वेबसाइट पर अपलोड करा दिया है। लेकिन सभी प्रशिक्षुओं के पास कंप्यूटर और लैपटॉप न होने के कारण वे इस पाठ्यक्रम को अपलोड नहीं कर पा रहे हैं। पुस्तक विक्रेता इसका फायदा उठाकर वेबसाइट से मॉडयूल अपलोड कर बाजार में महंगे दामों पर बेच रहे है। ऐसे में अगस्त में होने वाली इनकी परीक्षा पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
ये हैं पाठयक्रम
प्रशिक्षु शिक्षकों के तीन माह के सैद्धांतिक प्रशिक्षण के दौरान बीआरसी में एक दर्जन माडयूल के जरिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें प्रारंभिक शिक्षा परिदृश्य एवं चुनौतियां, बाल मनोविज्ञान व मनोवैज्ञानिक परीक्षण, शिक्षण विधियां एवं प्रारंभिक शिक्षा ढांचा, सतत व्यापक मूूूल्यांकन और क्रियात्मक शोध, हिन्दी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा शिक्षण, सामाजिक और पर्यावरण अध्ययन के साथ ही कला और कार्य शिक्षण का प्रशिक्षण प्रशिक्षु शिक्षकों को जबानी जमा खर्च के अंदाज में दिया जा रहा है।
डायट प्राचार्य, खीरी उमेश कुमार शुक्ल ने बताया कि राज्य शिक्षा संस्थान इलाहाबाद को प्रशिक्षु शिक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान पाठ्यक्रम मॉडयूल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी मिली थी। जहां से अब तक मॉडयूल नहीं मिला है। मॉडयूल आते ही प्रशिक्षुओं को उपलब्ध कराया जाएगा।