मैलानी। लखनऊ से बरेली ब्रॉडगेज का नया रूट खुलने के छह माह बाद भी लखनऊ से लखीमपुर, मैलानी होते हुए बरेली तक ट्रेनें रेलवे नहीं चला सका है। मीटरगेज के समय लखनऊ से बरेली तक कई गाड़ियां चलती थीं। लिहाजा आमान परिवर्तन होने के बाद आवागमन की सुविधाएं बढ़ने के बजाए घट गई हैं।
लखनऊ-पीलीभीत रेलखंड के आमान परिवर्तन के लिए कार्यदायी संस्था रेल विकास निगम लिमिटेड ने 2015 में सीतापुर-लखनऊ का मेगा ब्लॉक लिया था। इसके बाद सीतापुर-लखीमपुर, लखीमपुर-मैलानी खंड का काम पूरा हुआ। तीस मई 2018 को मैलानी-पीलीभीत खंड का मेगा ब्लॉक लिया गया।
आमान परिवर्तन होने के बाद मैलानी-लखनऊ के बीच ट्रेन संचालन का उद्घाटन 14 फरवरी 2020 को हुआ। वन विभाग की आपत्ति के चलते मैलानी-पीलीभीत खंड के काम में देरी हुई। इस खंड का आमान परिवर्तन और विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद मार्च के आखिर में संरक्षा निरीक्षण के बाद ट्रैक रेल संचालन के लिए फिट घोषित हुआ।
इस तरह लखनऊ से वाया लखीमपुर, मैलानी होते हुए ब्रॉडगेज का बरेली, दिल्ली के लिए नया रूट खुल गया। संरक्षा निरीक्षण के बाद चार अप्रैल से लखनऊ से बरेली होते हुए मालगाड़ियों को संचालन शुरू हो चुका है। छह माह से अधिक समय बीतने के बाद भी लखनऊ से सीतापुर, लखीमपुर, मैलानी, पीलीभीत होते हुए बरेली तक ट्रेनें नहीं चल सकी हैं।
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लखनऊ से लखीमपुर, गोला, मैलानी होते हुए दिल्ली, पंजाब, कोलकाता, मुंबई, हरिद्वार के लिए ट्रेन सेवा उपलब्ध कराने की मांग संसद में की है। मुुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सीतापुर के बीच संचालित ट्रेन का विस्तार भी मैलानी तक किए जाने की मांग की है। इसका प्रस्ताव रेलवे बोर्ड में है। मंजूरी मिलते ही जल्द ही यह ट्रेन मैलानी तक दौड़ने लगेगी।
उत्कर्ष वर्मा सांसद, खीरी लोकसभा