गोला गोकर्णनाथ। सोमवार को तहसील सभागार में भारत की जनगणना 2027 के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया। प्रशिक्षकों ने अभियान में लगे कर्मचारियों को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
एसडीएम प्रतीक्षा त्रिपाठी और तहसीलदार भीमचंद ने बताया कि 20 अप्रैल 2026 से जनगणना का कार्य प्रारंभ हो चुका है। प्रशिक्षण चार मई 2026 तक चार चरणों में पूरा किया जाएगा। प्रत्येक प्रशिक्षण एक शिफ्ट में तीन दिनों का होगा, जिसमें प्रतिदिन सुबह 9 से शाम 5 बजे तक सत्र संचालित होंगे। गोला क्षेत्र में कुल 1480 सुपरवाइजर एवं प्रगणक नामित किए गए हैं।
प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रगणकों और सुपरवाइजरों को जनगणना के प्रथम चरण, मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना की प्रक्रिया, डिजिटल टूल्स, डेटा संग्रह के नियम, क्षेत्र विभाजन, स्व-गणना और सटीक रिपोर्टिंग से परिचित कराना है। जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगी। यह प्रशिक्षण भारत सरकार के जनगणना निदेशालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कराया जा रहा है। सही प्रशिक्षण प्राप्त कर्मी ही सटीक जनसांख्यिकीय, सामाजिक एवं आर्थिक आंकड़े एकत्र कर पाएंगे, जो भावी विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
डेटा संकलन की दी जा रही जानकारी
पलियाकलां। जनगणना कार्यों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सोमवार से पलिया में भी प्रगणकों और सुपरवाइजरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हो गया। प्रशिक्षण तहसील परिसर और गुरुकुल एकेडमी में आयोजित किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण में शिक्षा, राजस्व, ग्राम पंचायत और बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के कर्मियों को प्रगणक और सुपरवाइजर के रूप में तैनात किया गया है। पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम चार्ज अधिकारी ज्योति वर्मा के सुपरविजन में संचालित हो रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान फील्ड ट्रेनर आदित्य मिश्र ने कर्मियों को जनगणना की प्रक्रिया, बारीकियों और डेटा संकलन के तरीकों की जानकारी दी। जनगणना का प्रारंभिक चरण व मकान सूचीकरण 22 मई से शुरू होकर 20 जून तक पूरा किया जाएगा। संवाद