लखीमपुर खीरी। दिवाली के पर्व को लेकर पटाखा बिक्री का अस्थायी लाइसेंस बनवाने के लिए व्यापारी त्योहार से तीन चार दिन पहले ही अग्निशमन विभाग के चक्कर काटने लगते हैं। इस बार भी प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हुई। लाइसेंस में आ रहीं दिक्कतें और भ्रष्टाचार को लेकर पड़ताल की गई तो विभाग की पोल खुल गई।
व्यापारियों का कहना था कि हर बार की तरह इस बार भी बिना रुपयों के कोई काम नहीं हो रहा है। एक व्यापारी ने एक लाइसेंस के लिए 28 सौ रुपये का ठेका तक दे दिया।
इससे एक बात तो तय है कि त्योहार के समय विभाग में दलाल भी सक्रिय हो जाते हैं।
शनिवार सुबह करीब 11 बजे अग्निशमन विभाग में लाइसेंस बनवाने आए एक बुजुर्ग व्यापारी ने बताया कि वह खीरी में रहते हैं। हर साल दो दिनों के लिए अस्थायी लाइसेंस बनवाते हैं। इस बार भी आए हैं।
बताया कि विभाग में बिना रुपये दिए कोई काम नहीं होता है। जैसी जिसकी दुकान वैसी वसूली। नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने बताया कि विभाग में छोटे व्यापारियों से एक हजार से लेकर दो हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इसके बाद ही उन्हें लाइसेंस दिया जा रहा है।
वहीं, कोतवाली के समीप खड़े एक व्यापारी का कहना था कि रुपये न देने पर विभाग बार-बार चक्कर लगवाता है। ऐसे में इस बार एक मुंशी को लाइसेंस बनवाने के लिए 28 सौ रुपये में ठेका दे दिया। अब वहीं पूरा काम करवा रहा है।