- मनरेगा में लक्ष्य से ज्यादा रोजगार सृजित किए गए
- मितौली, बेहजम, धौरहरा में शत-प्रतिशत मिला काम
वित्तीय वर्ष 2015-16 मनरेगा योजना कामगारों के लिए बेहद मुफीद साबित हुई। इस योजना के तहत जिले में लक्ष्य से ज्यादा रोजगार सृजित किए गए हैं। खासकर इंदिरा और लोहिया आवासों के निर्माण, सड़क आदि के निर्माण में जिले में 104 प्रतिशत रोजगार दिया गया है। वित्तीय वर्ष के आखिरी मार्च में सबसे ज्यादा मितौली, बेहजम, धौरहरा ब्लाक में मानव दिवस हुए हैं, जबकि सबसे कम फूलबेहड़, कुंभी/गोला में कामगारों को रोजगार मिला है।
आंकड़ों पर गौर करें तो मनरेगा के अंतर्गत जिले के सभी 15 ब्लाकों में कामगारों को सरकारी योजनाओं में काम दिया गया है। जिन ब्लाकों में कम रोजगार दिवस सृजित हुए हैं, वहां के खंड विकास अधिकारी ने मनरेगा योजना में ज्यादा दिलचस्पी नहीं ली है। बीडीओ की इस अनदेखी का असर ग्राम पंचायतों में सरकारी योजनाओं में दिखा है, जहां कामगारों को नजरअंदाज कर अन्य संसाधनों से कार्य कराया गया है। वहीं दूसरी ओर कई ऐसे ब्लाक भी हैं, जहां के बीडीओ ने न सिर्फ मनरेगा योजना के तहत कामगारों के लिए रोजगार सृजित किया है, बल्कि सरकारी योजनाओं में मनरेगा के तहत रोजगार दिलाकर कामगारों को उनका हक दिलाया है। साथ ही साथ इस योजना में अपने ब्लाक का नाम भी अग्रणी पंक्ति में ला दिया है।
इन ब्लाकों में मिला शत-प्रतिशत मिला काम
ब्लाक लक्ष्य मानव दिवस प्रतिशत
बेहजम 217989 280041 128.47
मितौली 314450 448401 142.60
नकहा 243954 268415 110.03
लखीमपुर 283729 312664 110.20
धौरहरा 142812 161482 113.07
निघासन 380498 388444 102.09
बिजुआ 261690 267966 102.40
इन ब्लाकों ने कम रूचि दिखाई
ब्लाक लक्ष्य मानव दिवस प्रतिशत
फूलबेहड़ 257645 225988 87.71
पलिया 283489 208825 73.66
रमियाबेहड़ 324187 309966 95.61
पसगवां 306015 295890 96.69
मोहम्मदी 301066 297265 98.74
कुंभी/गोला 293624 265402 90.39
ईसानगर 351140 346221 98.60
बांकेगंज 312272 288208 92.29
मनरेगा योजना में जिले में काफी अच्छा कार्य हुआ है। जिले को जो लक्ष्य मिला हैं, कई ब्लाकों में योजना के अंतर्गत लक्ष्य से भी ज्यादा रोजगार सृजित कराया गया है। जिसकी वजह से 104 प्रतिशत मानव दिवस हुए हैं। जहां पर लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है, वहां इस वर्ष विशेष ध्यान दिया जाएगा। - डॉ. दिनेश कुमार सिंह, सीडीओ