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Lakhimpur Kheri News: हादसे रोकने के लिए जिले में 15 जगह लगेंगी आधुनिक डिवाइस

Thu, 27 Nov 2025 02:01 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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नौरंगाबाद चौराहा। संवाद
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लखीमपुर खीरी। जिले में 15 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां तीन साल में सबसे ज्यादा हादसे व यातायात नियमों का उल्लंघन हुआ है। इनको हाई रिस्क कॉरिडोर, हाई डेंसिटी कॉरिडोर और क्रिटिकल जंक्शन नाम दिया गया है। यहां पर आधुनिक इलेक्ट्राॅनिक डिवाइस लगाकर हादसे रोके जाएंगे।
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स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट योजना के तहत यह काम होगा। हाई रिस्क कॉरिडोर में एक किलोमीटर लंबाई वाले ऐसे स्थानों को चुना गया है, जहां तीन वर्ष में कम से कम तीन सड़क हादसे हुए हों। वहीं, उन सड़कों को चिन्हित किया, जहां तीन वर्ष में दो हादसे हुए हों। स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास 100 मीटर क्षेत्र की सड़कों को भी शामिल किया गया है, ताकि पैदल यात्रियों, छात्रों, दोपहिया चालकों और साइकिल सवारों की भी सुरक्षा हो सके। यातायात नियम तोड़ने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। हादसों के बाद भागने वाले चालकों की पहचान कर उन पर कार्रवाई करने में आसानी होगी।
आधुनिक डिवाइस में ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरा, स्पीड डिटेक्शन कैमरा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ट्रैफिक वायलेशन डिटेक्शन सिस्टम, रेड लाइट वायलेशन डिटेक्टर, डिजिटल साइनेज, डैशबोर्ड और सीसी कैमरा लगेगा। इससे न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि ट्रैफिक अनुशासन भी बेहतर होगा।
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कभी-कभी हादसे के बाद चालक वाहन लेकर भाग जाते हैं। बाद में उसका पता नहीं चल पाता, लेकिन अब सीसी कैमरों की मदद से उसकी आसानी से पहचान हो जाएगी। साथ ही होने वाले विवादों का भी निपटारा भी आसानी हो जाएगा। ओवरस्पीड, बिना नंबर प्लेट आदि हर एक गतिविधियों पर नजर रहेगी।


ये हैं पांच हाईरिस्क एरिया : धौरहरा के सिसैया चौराहा व आसपास के एक किलोमीटर दायरे को हाई रिस्क श्रेणी में रखा गया है। यहां तीन वर्ष में नौ हादसे और चार की मौत हुई है। सदर कोतवाली के पंडित दीनदयाल चौराहा पर एक किलोमीटर दायरे में तीन वर्ष में सात हादसे व तीन की मौत, मोहम्मदी के गोमती मोड़ पर 10 हादसों में छह की मौत, सदर कोतवाली के लालपुर बैरियर तिराहे पर चार हादसों में दो की मौत, फरधान के मनिकापुर तिराहा पर 15 हादसों में आठ की मौत हुई है, ये भी इसमें शामिल रहेंगे।
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सात हाई डेंसिटी एरिया : शहर के एलआरपी चौराहे पर तीन वर्ष में हुए नौ हादसों में चार की मौत हुई है। संकटा देवी चौराहा, मेला मैदान, नौरंगाबाद चौराहा, विकास चौराहा गोला, कमल चौराहा पलिया में हादसे तो नहीं हुए, लेकिन सबसे ज्यादा यातायात नियमों का उल्लंघन होता है। ऐसे में इसको हाई डेंसिटी के रूप में चुना गया है।

चार क्रिटिकल जंक्शन : महेवागंज तिराहा व उसके एक किलोमीटर दायरे में तीन वर्ष में पांच हादसों में पांच की मौत, राजापुर चौराहे पर चार हादसों में तीन की मौत, सुन्सी मोड़ ओयल में हुए पांच हादसों में चार की मौत, छाउछ चौराहा पर पांच हादसों में चार की मौत हुई है। इसलिए इन्हें क्रिटिकल जंक्शन नाम दिया गया है।

स्थानों को चिन्हित को शासन को रिपोर्ट जा चुकी है। जल्द ही यह आधुनिक डिवाइस लग जाएगी। इसके लगने से हादसों पर लगाम लगने के साथ ही हर गतिविधियों पर नजर रहेगी। शासन की यह अच्छी पहल है।
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-शांति भूषण पांडेय, एआरटीओ
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