सिविल कोर्ट के एक वकील के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाने से नाराज अधिवक्ताओं ने तीसरे दिन भी अदालती कामकाज से विरत रहने का फैसला लिया। अध्यक्ष संतोष मिश्र ने बताया कि वकीलों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, लोकतांत्रिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का प्रत्येक नागरिक को हक है।
जिला अधिवक्ता संघ सभागार में वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष मिश्र ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संचालन करते हुए मंत्री हौसला प्रसाद वर्मा ने बताया कि अधिवक्ता को न्याय दिलाने के लिए निर्णायक संघर्ष किया जाएगा। मीडिया प्रभारी श्रीकांत पांडेय ने बताया कि शुक्रवार से चल रही वकीलों की हड़ताल सोमवार को भी जारी रही, न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया गया। बैठक के बाद जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संतोष मिश्र के नेतृत्व में सैकड़ों वकीलों ने एआटीओ प्रशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया, जुलूस के रूप में वकीलों ने कलक्ट्रेट पहुचकर डीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा। इस दौरान श्रीकांत अवस्थी, अंशुमान माथुर, मोहम्मद इजराइल खां, विवेक अवस्थी, अकबर अली नकवी, सुनील अवस्थी, राहुल तिवारी, अशोक शुक्ला, प्रीतम सिंह बग्गा, विमलेंद्र मिश्र पंकज, राकेश वर्मा सहित सैकड़ों वकील मौजूद रहे।