बलजीत सिंह के हाथ पर बना धार्मिक चिन्ह। संवाद
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा कांड की सुनवाई में शुक्रवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब गवाह बलजीत सिंह ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता अवधेश सिंह पर खुद को खालिस्तानी कहने का आरोप लगाया।
उनका आरोप है कि गवाही प्रक्रिया पूरी होने के बाद हस्ताक्षर के लिए कोर्ट में ही थे। इसी दौरान अधिवक्ता अवधेश सिंह ने हाथ पर बने टैटू को देखकर उसे खालिस्तानी कह दिया। इतना कहते ही गवाह के साथ आए अन्य लोगों ने इस बात का विरोध किया। गवाह का कहना था कि वह एसपी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई करने की मांग करेंगे। मामले के 23वें गवाह बलजीत सिंह ने बताया कि उनकी गवाही चल रही थी। गवाही पूरी होने के बाद तीसरे दिन वह कोर्ट में ही थे। इसी दौरान अवधेश सिंह आए और उन्होंने उसे बैठे देखकर हाथ पर बने धार्मिक चिह्न को खालिस्तानी कह दिया। यह कहने के बाद वह कोर्ट से चले गए।
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उसके बाएं हाथ पर एक राइफल का टैटू बना हुआ था, उस टैटू को देखकर मैंने उससे बोला कि हाथ पर राइफल का टैटू बनवाए हो तो उसने बोला कि लोग राइफल लेकर चलते हैं टैटू में क्या है। बस इतनी बात हुई, खालिस्तानी वाली कोई बात ही नहीं हुई, वह सरासर गलत बोल रहा है।
-अवधेश सिंह, तिकुनिया हिंसा कांड के आरोपी आशीष मिश्र के वकील
गवाह से जिरह पूरी, 22 को अगली सुनवाई
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा कांड की सुनवाई शुक्रवार को एडीजे पंचम देवेंद्र नाथ सिंह की अदालत में तीसरे दिन भी जारी रही। बुधवार को अभियोजन पक्ष ने बरेली निवासी गवाह बलजीत सिंह को अदालत में पेश किया था। शुक्रवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने गवाह से लंबी जिरह की। देर शाम तक यह प्रक्रिया पूरी हो गई। अभियोजन पक्ष ने 24वें गवाह राम सिंह के बयान भी दर्ज कराए। अदालत ने अगली सुनवाई की तिथि 22 सितंबर तय की है। संवाद
बलजीत सिंह के हाथ पर बना धार्मिक चिन्ह। संवाद