एफआईआर में केवल आशीष मिश्र नामजद
वादी मुकदमा ने एफआईआर में केवल आशीष मिश्र मोनू को नामजद किया था, बाकी उनके अज्ञात साथियों का हवाला दिया था। अदालती सुनवाई के दौरान वादी जगजीत सिंह ने मंत्री पुत्र आशीष मिश्र मोनू के साथ ही अंकित दास को नामजद करते हुए बताया कि बाकी के नाम इस समय ध्यान नहीं हैं। अदालत में मुख्य परीक्षा देने के दौरान ही गवाह जगजीत सिंह भावुक हो उठे।
अभियोजन पक्ष देख रहे जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी के साथ ही वादी जगजीत सिंह के व्यक्तिगत अधिवक्ता के रूप में सुरेश सिंह मुन्ना भी बयान के समय अदालत कक्ष में मौजूद रहे। बयान के बाद गवाह से जिरह भी शुरू हो चुकी है। शेष जिरह के लिए अदालत ने 23 जनवरी की तारीख मुकर्रर की है।
अदालत में कर दी तहरीर की पुष्टि
मुख्य परीक्षा के दौरान ही गवाह को तिकुनिया थाने में दी गई एफआईआर की तहरीर दिखाई गई, जिसे देखकर उसने बताया कि यह वही तहरीर है, जो उसने तिकुनिया थाने में दी थी। इस पर उसके साथ ही अन्य दो पीड़ितों के हस्ताक्षर हैं।