मामले में अगली सुनवाई अब 12 अप्रैल को होगी
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में बुधवार को आरोप तय करने को लेकर सुनवाई हुई। इसमें जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत में प्रमुख आरोपी आशीष मिश्र मोनू की ओर से अभियोजन केस को आधारहीन बताया गया। पिछली कई पेशियों में जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत में आरोपियों के वकील की ओर से डिस्चार्ज एप्लीकेशन देने की बात कही गई थी, जिस पर अदालत में बुधवार को सुनवाई हुई।
बुधवार को जिला अदालत में आशीष मिश्र ने अपने अधिवक्ता अवधेश दुबे और अवधेश सिंह के साथ डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र पेश किया ओर डीजीसी अरविंद त्रिपाठी को डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र की नकल प्राप्त कराई। आशीष मिश्र मोनू की ओर से डिस्चार्ज एप्लीकेशन में मुख्य रूप से यह बात उठाई गई कि वह घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे और घटना कोई सोची समझी साजिश नहीं थी।
बुधवार को अदालत में मौके के हालात की तस्वीर भी पेश की गई। आशीष मिश्र की ओर से एसआईटी द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट पर सवाल उठाए। कहा गया कि उनके खिलाफ कोई ऐसे सबूत नहीं हैं जिनके आधार पर अदालत अभियुक्तों पर आरोप लगा सके। वहीं मामले में सह आरोपी अंकित दास, सत्यम त्रिपाठी लतीफ उर्फ काले सहित पांच आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ ने अपना वकालतनामा दाखिल किया। अदालत में डिस्चार्ज एप्लीकेशन पर सुनवाई के लिए 12 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की है।
उधर, कॉस केस के आरोपियों ने अदालत में झूठा फंसाये जाने की दलील दी और कहा कि उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है। आरोपियों के वकील ने बताया कि क्रॉस केस के मामले में वह आपत्ति दाखिल करेंगे। इस दौरान क्रास केस के मामले में अभियुक्तों को सजा दिलाने के लिए शिव गोविंद राठौड़ उपस्थित रहे तो तिकुनिया हिंसा कांड मामले की सरकार की तरफ से पैरवी करने के लिए डीजीसी अरविंद त्रिपाठी जुटे रहे।
जेल से पेशी पर जाता तिकुनिया कांड का आरोपी अंकित दास।
जेल से कोर्ट जाते तिकुनिया कांड क्रास केस के आरोपी।