लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा कांड मामले में बृहस्पतिवार को जिला जज शिवकुमार सिंह की अदालत में अभियोजन पक्ष ने दो गवाह पेश किए। दोनों से बचाव पक्ष ने जिरह पूरी कर ली। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।
अभियोजन पक्ष ने तत्कालीन एआरटीओ आलोक कुमार को अदालत में पेश किया। उन्होंने बताया कि घटनाक्रम के दौरान इस्तेमाल फॉर्च्यूनर का मालिकाना हक मेसर्स अधिराज फर्म के पास था। उन्होंने यह भी कहा कि अभियुक्त अंकित दास की पत्नी इस फर्म में साझेदार थीं। अंकित दास और मृदुल भदौरिया भी इस गाड़ी का इस्तेमाल करते थे। आलोक कुमार ने वाहन मालिक से संबंधित अपनी रिपोर्ट एसआईटी के जांच अधिकारी को सौंपी थी। अदालत में उन्होंने संबंधित कागजात की पुष्टि की और बयान दर्ज कराया।
इसके बाद अभियोजन पक्ष ने मृदुल भदौरिया को गवाह के रूप में पेश किया। उन्होंने भी पुष्टि की कि अंकित दास की पत्नी फर्म की साझेदार थीं। उन्होंने बताया कि अंकित दास गाड़ी का इस्तेमाल करते थे। बचाव पक्ष ने दोनों गवाहों से एक-एक कर जिरह पूरी की। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को निर्धारित है।