सुबह की शिफ्ट में बाघ को देखकर लखनऊ के सैलानी हुए खुश
पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क में सैलानियों को बाघ के दीदार हो रहे हैं। बुधवार को भी सुबह की पहली शिफ्ट में सैलानियों को बाघ के दीदार हुए। बाघ झाड़ियों में पीछे से लखनऊ के सैलानियों को दिखा। वहीं हाथी की सवारी बंद होने के बाद निगरानी और चारा का कार्य करने वाले हाथियों को भी देखकर सैलानी काफी उत्साहित दिखे।
बुधवार को सुबह की पहली शिफ्ट में पार्क का भ्रमण करने के लिए लखनऊ से आए सैलानियों को रोड नंबर एक के पास झाड़ियों में बाघ दिखा। सैलानियों ने बताया कि झाड़ियों में हलचल दिखने के बाद जिप्सी चालक ने गाड़ी की गति धीमी कर दी, जिसपर सभी सैलानी आसपास मुआयना करने लगे। इस बीच झाड़ियों में हल्की सरसराहट के साथ बाघ निकलकर जाता हुआ पीछे से दिखाई दिया।
यहां बता दें कि दुधवा इलाके में लगातार दिख रहे बाघ के कारण यहां पर सैलानियों की आमद तेज हो गई है। उधर, हाथी की सवारी बंद है, ऐसे में हाथियों से चारा लाने व पेट्रोलिंग का कार्य ही लिया जा रहा है। बुधवार को पार्क की हथिनी रूपकली चारा लेकर आ रही थी, जिसको देखकर सैलानियों ने खुशी जताई। हालांकि हाथी सवारी न होने से कुछ सैलानी मायूस भी हुए।
बाघ की निगरानी के लिए वन विभाग ने दस कैमरे लगवाए
तिकुनिया। मजरा पूरब जंगल में ग्रामीणों की सुरक्षा और बाघ पर निगरानी के लिए वन विभाग ने जंगल में दस कैमरे लगाए हैं, जबकि बाघ को कब्जे में करने के लिये पिंजरा रखा गया है।
बहराइच बॉर्डर पर स्थित मजरा पूरब गांव मजरा जंगल के पास है। यहां घूमता बाघ अब तक 13 लोगों को अपना निवाला बना चुका है। ग्रामीणों के रोष को देखते हुए वन विभाग ने बाघ को कब्जे में करने के लिए पिंजरा लगा दिया गया है, जबकि बाघ की लोकेशन देखने के लिए दस कैमरे लगाए गए हैं।
उत्तर निघासन वन रेंज विमलेश कुमार ने बताया कि वह पूरी निगहबानी कर रहे हैं। पिंजरा भी लगा दिया गया है। जल्दी ही बाघ को पकड़ा जाएगा। ग्रामीणों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है। संवाद