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बाघ के अवशेष और शिकार में इस्तेमाल हथियार मिले

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पलियाकलां। वन विभाग की टीम ने बाघ की खाल के साथ गिरफ्तार दो शिकारियों की निशानदेही पर बेलरायां रेंज की लौदरिया बीट के जंगल से बाघ के अवशेष और शिकार में इस्तेमाल किए गए औजार भी बरामद कर लिए हैं।
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दुधवा के डीडी मनोज सोनकर ने बताया कि दोनों शिकारियों की निशानदेही पर बेलरायां वार्डेन सीपी सिंह ने शिकारियों को साथ ले जाकर तस्दीक कराई तो बेलरायां रेंज की लौदरिया बीट के जंगल से उन्हें शिकार में इस्तेमाल हुए औजार और बाघ के अवशेष मिल गए। उन्होंने बताया कि एसटीपीएफ और स्नाइफर डॉग के जरिए आसपास इलाके की कांबिंग भी कराई गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर भी मौजूद रहे, जिन्होंने बाघ के अवशेष बिसरा व मांस का सैंपल एकत्र किया है, जिसे जांच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून व भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली भेजा जा रहा है। पूरे मामले की जांच बेलरायां वार्डेन को दी गई है। मामले में दोनों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
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खाल के खरीददार बनकर की शिकारियों की गिरफ्तारी
डीडी मनोज सोनकर ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व के बेलरायां रेंज के वन विभाग के अधिकारियों को खाल बेचने की सूचना मिली थी, जिसके बाद से वन विभाग की टीम एसएसबी के सहयोग से शिकारियों को ढूंढने का प्रयास कर रही थी। तकियापुरवा गांव में शिकारियों के होने का पता चलने पर टीम ने खालों का खरीददार बनकर शिकारियों को तय स्थान पर बुलाया। शिकारी जब खाल लेकर पहुंचे तो टीम केवल दो शिकारियों को ही पकड़ सकी, जबकि तीन भाग निकले।
पूछताछ में शिकारियों ने तीन नाम और कबूले
पकड़े गए शिकारी विनोद पुत्र प्रभूदयाल एवं सोमदेव पुत्र राजकुमार से वन विभाग ने पूछताछ की तो उन्होंने अपने तीन अन्य साथी के भी नाम बताए हैं, इनमें गुड्डू पुत्र नोखे, दिलीप पुत्र टीकाराम, मंजीत पुत्र हरद्वारी अभी भागे हुए हैं। जिनकी वन विभाग तलाश कर रहा है।
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18 नाखून भी बरामद
शिकारियों के पास से टीम ने बाघ की खाल के अलावा बाघ के 18 नाखून भी बरामद किए हैं। साथ ही अन्य औजार व दो मोबाइल फोन मिले हैं।
मामले में भागे हुए लोगों की तलाश की जा रही है। पकड़े गए दोनों शिकारियों को जेल भेज दिया गया है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
- मनोज कुमार सोनकर, डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क
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