दुधवा टाइगर रिजर्व क्षेत्र के रमुआपुर चौकी क्षेत्र में बाघ के मरने की सूचना पर अफरा-तफरी मच गई। वन चौकी के दरोगा समेत कई लोगों ने रविवार रात में ही जंगल में आने जाने पर पाबंदी लगा दी। वनविभाग ने बाघ के मरने की घटना से इनकार किया है।
रविवार को आधा दर्जन ग्रामीणों ने सुहेली बैराज से करीब एक किलोमीटर पहले जंगल में बाघ मरने की सूचना रमुआपुर चौकी में तैनात वन दरोगा विजय को दी। सूचना मिलते ही वनविभाग के हाथ-पांव फूल गए। वनकर्मियों ने रविवार की रात ही ग्रामीणों की बताई गई जगह के अलावा आसपास के जंगल की खाक छान डाली। उधर, बाघ के मरने की सूचना मिलते ही ग्रामीण भी एकत्र हो गए। वनविभाग की टीम ने सुहेली बैराज पर वनविभाग के दो लोगों को तैनात करते हुए जंगल में आने-जाने पर रोक लगा दी। सोमवार को भी जंगल के रास्ते होते हुए खैरीगढ़ आदि रास्ते पर जाने से रोक रही।
इस संबंध में बेलरायां पार्क रेंज के रेंजर ने बाघ के मारे जाने की घटना से इनकार करते हुए बताया कि सूचना मिली थी, पूरे जंगल में तलाश किया गया। ऐसी किसी भी घटना की पुष्टि नहीं हो सकी है।