मझगईं रेंज के कोलवा फार्म पर बाघ ने चार गायों और एक बछडे़ को अपना निवाला बना लिया। बाघ के पदचिह्न देख लोगों में दहशत है। मझगईं रेंजर राधेश्याम ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। बाघ ने ही गायों को अपना शिकार बनाया है। मामले की जांच चल रही है।
क्षेत्र के गांव कोलवा फार्म निवासी काला सिंह घर से करीब आधा किलोमीटर दूर गायों को चरने के बांधकर वापस चले आए। देर शाम वह गायों को गोशाला में बांधने के लिए लेने गए तो उनकी चार गाय और एक बछड़ा मृत पडा था। दो गायों के गले में पंजे के निशान थे। दो गायों का आधा हिस्सा गायब था। पड़ोस में बछड़ा भी मरा पड़ा था। घटनास्थल पर बाघ के पैरों के निशान भी मिले।
करीब एक सप्ताह पहले घोसियाना गांव से आगे सिंगाही निघासन रोड पर राहगीरों ने बाघ को शाम करीब आठ बजे निकलते हुए देखा था। मझगईं रेंजर राधेश्याम ने बताया कि बाघ होने की सूचना मिली है। मौके पर वन विभाग की टीम भेजी जा रही है।
कालाडूंड में बाघ की नहीं मिली लोकेशन, ग्रामीण असमंजस में
लखीमपुर खीरी। शारदानगर रेंज के कालाडूंड गांव के आसपास शनिवार को भी बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिल पाई। वन विभाग के मुताबिक न तो बाघ की दहाड़ सुनाई दी और न ही कहीं उसके पगमार्क दिखाई दिए। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि ग्रामीणों ने दूर से किसी जानवर को देखकर उसे बाघ समझ लिया होगा। बाघ के मूवमेंट का भी कहीं पता नहीं चला है।
बाघ का कहीं लोकेशन न मिलने से ग्रामीण असमंजस की स्थिति में हैं। वन रक्षक रविकांत वर्मा का कहना है कि यदि बाघ आसपास होता तो उसके पगमार्क जरूर दिखाई देते और दहाड़ जरूर सुनाई देती लेकिन गन्ने के खेतों में न कोई हलचल दिखाई दी और न ही उसकी दहाड़ सुनाई दी। बाघ के पगमार्क मिलते तो उसके मूवमेंट का पता चलता लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं दिखाई दिया है। फिलहाल गांव वालों को सतर्क रहने को कहा गया है।