सर्दी में बढ़ते कोहरे और जंगली जानवरों की सुरक्षा के मद्देनजर दुधवा नेशनल पार्क के अंदर ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगाया गया है। रेलवे ने ट्रेन चालकों को निर्देश दिया है कि दुधवा पार्क के अंदर ट्रेनों की रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटा के बजाए 20 से 25 किलामीटर प्रति घंटा रखें ताकि किसी हादसे से बचा जा सके और वन्यजीवों को भी नुकसान न पहुंचे। कोहरा खत्म होने तक दुधवा पार्क में ट्रेनों की स्पीड यही रहेगी।
मौजूदा समय में रेल यातायात पर कोहरे का असर पड़ रहा है। खासकर मैलानी से ऐशबाग जाने वाली 52241 डाउन पैसेंजर और इज्जतनगर से ऐशबाग जाने वाली 15309 रुहेलखंड एक्सप्रेस ट्रेनें एक घंटे तक लेट हो रही हैं। वहीं गोंडा-बहराइच रूट से दुधवा पार्क के घने जंगलों में होकर आने वाली ट्रेनों पर भी कोहरे का असर है। यहां बता दें कि पार्क क्षेत्र में दो रेलवे स्टेशन हैं, जिनके बीच की दूरी करीब 10 से 12 किलोमीटर है। इनमें सोनारीपुर काफी समय से बंद है। जबकि बहराइच की ओर से आने वाली ट्रेनों का ठहराव दुधवा स्टेशन पर होता है।
जंगल के एक रेलवे स्टेशन के बंद होने के कारण यहां ट्रेनें नहीं रुकती हैं। पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों ने घने जंगल में कोहरे से बचने के लिए ट्रेनों की स्पीड कम करने का निर्देश दिया है। डीआरएम आलोक कुमार सिंह के पीआरओ आलोक कुमार ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर अधिक कोहरा होने से ट्रेनों की स्पीड कम करने के संबंध में ट्रेन चालकों को निर्देश दिया गया है। दुधवा पार्क के एरिया में ट्रेनों की रफ्तार 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच होगी।
बाघिन और चार हाथी की हो चुकी है मौत
दुधवा नेशनल पार्क में ट्रेनों की चपेट में आकर वर्ष 2008 में सर्दी में एक बाघिन की मौत हो चुकी है। इससे पहले वर्ष 2007 में दुधवा पार्क में ट्रेन से कटकर तीन वयस्क हाथी और एक हाथी का बच्चा अपनी जान गवां चुके हैं। इन घटनाओं के बाद पार्क प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों के बीच रेलवे लाइन हटाने को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन ट्रेन की स्पीड कम करने तक की सहमति बन पाई है।