बाड़े से जंगल तक बने मिले पगचिह्न
मोहम्मदी महेशपुर की देवीपुर बीट क्षेत्र के गांव में बाघ ने शुक्रवार की सुबह बाड़े में घुसकर एक गाय को निवाला बना लिया। बाघ के पगचिह्न बाड़े से जंगल तक बने मिले है। रेंजर एसएन यादव ने भी पगचिह्न बाघ के होने का दावा किया है।
रायपुर निवासी सोबरन सिंह ने अपने पशुओं का बाड़ा गांव के बाहर बना रखा है। शुक्रवार सुबह बाड़े में घुसे बाघ ने खूंटे से बंधी गाय को गन्ने के खेत में खींचकर अपना निवाला बना लिया। गुरुवार सवेेरे महेशपुर गांव के दक्षिण खेतों में छुट्टा विचरण कर रहे एक बैल, एक गाय और एक बछड़े को मारकर बाघ ने निवाला बना लिया था। बाघ के बढ़ते आतंक से क्षेत्र में दहशत है। कोई भी खेतों में जाने की हिम्मत नहीं कर रहा है। वनकर्मियों की एक टीम बाघ की निगरानी में लगाई गई है। रेंजर एसएन यादव ने बताया कि सोबरन सिंह की तहरीर पर सूचना डीएफओ और डब्ल्यू डब्ल्यू एफ परियोजना अधिकारी को दी गई है। गाय के अधखाए शव को ग्रामीणों के सहयोग से गड्ढे में दबा दिया गया है।
बाघ-तेंदुए की निगरानी में लगाईं पांच टीमें
रेंजर एसएन यादव ने बताया कि महेशपुर और देवीपुर बीट जंगल से सटे गन्ने के खेतों और वनबुधेली, नरसिंहपुर, बुधेलीनानकार, हरगोविंदपुर, बोझबा, मुल्लापुर, सुंदरपुर, सिंगहा, रामदीनपुर, मोतीपुर, महेशपुर, नयागांव, बिहारीपुर फार्म के पास बाघ और तेंदुआ की निगरानी के लिए वनकर्मियों की पांच टीमें लगाई गई हैं। साथ ही विंग्स फॉर वाइल्ड के युवकों को गांव में भेजकर बाघ से सतर्क रहने और सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है। बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या और बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही ड्रोन कैमरे लगवाने की व्यवस्था हो रही है। बाघ के हमलों की रिपोर्ट डीएफओ और डब्ल्यू डब्ल्यूएफ परियोजना के अधिकारियों को निरंतर भेजी जा रही है।