ममरी। कसबा ममरी और स्याहपारा गांव के मध्य गन्ने के खेतों को ठिकाना बनाए बाघ सोमवार की शाम बड़ी नहर की झाल के पास नंदलाल गुप्ता, संजय वर्मा के खेत में खड़ा देख लोगों के होश उड़ गए। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने बाघ के गन्ने में मौजूद होने, पगचिह्न मिलने की पुष्टि कर सतर्क रहने की सलाह दी है।
गन्ने के खेतों में आठ दिनों से ठिकाना बनाए बाघ सोमवार घने कोहरे के बीच स्याहपारा गांव के पूरब बड़ी नहर की झाल के पास खेत में देखा जाने से गन्ने की छिलाई कर रहे मजदूरों, नहर रोड से गुजरने वाले राहगीरों के होश उड़ गए। शोर मचाने पर बाघ गन्ने में घुस गया। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने निरीक्षण कर बाघ के गन्ने में मौजूद होने, पगचिह्न मिलने की पुष्टि कर सतर्क रहने की सलाह दी है। वनकर्मियों की टीम परेली, धिरावां, छितौनिंया गांव भी गई और ग्रामीणों जानकारी ली। बताया कि बाघ से बचाव के बारे में बुधवार को एसटीआई टीम के निर्देश में परेली गांव में गोष्ठी का आयोजन कर जानकारी दी जाएगी।